(भूपेंद्र सिंह ठाकुर): पुलिस को लेकर अक्सर कहा जाता है कि वह वारदात वाली जगह पर समय से नहीं पहुंचती है, लेकिन अब गुजरात पुलिस एक ऐसी परियोजना की शुरुआत करने जा रही है, जिससे ये मिथ भी खत्म हो जाएगा। दरअसल, गुजरात पुलिस (ड्रोन रिस्पांस एंड एरियल सर्विलांस टेक्निकल इंटरवेंशन) शुरू करने जा रही है, जिसका नाम GP–DRASHTI है। इस पहल के जरिए ड्रोन अपराध वाली जगह पर PCR वैन से भी तेजी से पहुंच जाएंगे। इसकी शुरुआत तत्काल कार्रवाई के लिए की गई है।
मिनटों में पहुंचेगा ड्रोन
राज्य पुलिस प्रमुख विकास साहय ने बताया कि वर्तमान में PCR वैन प्रणाली गुजरात के सभी हिस्सों में उपलब्ध है, लेकिन घटनास्थल पर पहुंचने में समय लगता है। इस समय को कम करने और तत्काल कार्रवाई सक्षम बनाने के लिए गुजरात पुलिस ने ड्रोन तैनात करने का फैसला लिया है। इस परियोजना के तहत, जब किसी घटना की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी जाएगी, तो एक साथ PCR वैन और ड्रोन बेस स्टेशन को अलर्ट किया जाएगा। ड्रोन और PCR वैन दोनों घटनास्थल पर भेजे जा सकेंगे।
आधा समय लगेगा
सूरत और अहमदाबाद में किए गए 10 दिन के पायलट प्रोजेक्ट के दौरान यह देखा गया कि ड्रोन घटनास्थल तक PCR वैन से आधे समय में पहुंच रहा है। कभी-कभी तो सिर्फ दो से ढाई मिनट में। ड्रोन द्वारा कैप्चर की गई फुटेज वास्तविक समय में ड्रोन बेस स्टेशन पर अधिकारियों को भेजी जाएगी। इससे वे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगा सकेंगे और जरूरी पुलिस बल को तैनात कर सकेंगे।
कहां पर तैनात होंगे ड्रोन?
पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद ड्रोन की खरीद प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब तक 8 ड्रोन खरीदे जा चुके हैं। साथ ही 18 से अधिक और ड्रोन जल्द ही तैनात किए जाएंगे। पहले चरण में इस प्रणाली को अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट के 33 पुलिस स्टेशनों में लागू किया जाएगा। ये वे शहर हैं जहां अपराध दर ज्यादा है। इस परियोजना के रोलआउट के लिए कराई में 6 दिन की ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया जाएगा। ट्रेनिंग पूरा होने के बाद यह परियोजना पहले अहमदाबाद के 8 पुलिस स्टेशनों में शुरू की जाएगी। इसके बाद, जैसे-जैसे ड्रोन उपलब्ध होंगे, उसके बाद वडोदरा, राजकोट और सूरत में भी ड्रोन तैनात कर दिए जाएंगे।