12 जून 2025 को गुजरात के अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया के विमान हादसे को आज पूरा एक साल बीत चुका है। इस हादसे में वडोदरा के 33 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। वक्त भले ही आगे बढ़ गया हो, लेकिन पीड़ित परिवारों के जख्म आज भी ताजा हैं। हादसे में जान गंवाने वाले वडोदरा के 33 वर्षीय भाविक मुकेश माहेश्वरी का परिवार आज भी न्याय की गुहार लगा रहा है।

​वडोदरा के वाड़ी इलाके के रहने वाले भाविक माहेश्वरी ने कोर्ट मैरिज की थी और अपने सुनहरे भविष्य के सपने लेकर लंदन जाने के लिए रवाना हुए थे। पूरा परिवार उनकी इस नई शुरुआत से बेहद खुश था, लेकिन किसी को नहीं पता था कि भाविक का यह सफर उनका आखिरी सफर बन जाएगा।

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​मुआवजा मिला, बेटा वापस नहीं आ सकता

भाविक के पिता मुकेश माहेश्वरी ने नम आंखों से बताया कि सरकार और टाटा ग्रुप की ओर से उन्हें कुल 1.25 करोड़ का आर्थिक मुआवजा तो मिल गया है, लेकिन पैसा उनके कलेजे के टुकड़े का विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि शुरुआत के तीन महीने टाटा ग्रुप ने अच्छा सहयोग किया, लेकिन मुआवजा मिलने के बाद अब उनके पत्रों का कोई जवाब नहीं मिल रहा है। परिवार के लिए मुआवजा नहीं, बल्कि हादसे के पीछे का सच और इंसाफ सबसे ज्यादा मायने रखता है।

​ब्लैक बॉक्स की फाइनल रिपोर्ट का इंतजार

हादसे को एक साल बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवार यह जानने के लिए व्याकुल है कि आखिर उस रात विमान के साथ क्या हुआ था और इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार था? परिवार आज भी ब्लैक बॉक्स की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। ​आज 12 जून को भाविक की पहली पुण्यतिथि पर परिवार ने सुंदरकांड के पाठ का आयोजन किया है और सरकार से मांग की है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई और मां अपना बेटा न खोए।

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