देश की राजधानी दिल्ली को वैश्विक स्तर पर एक आदर्श और आधुनिक शहर बनाने के लिए प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर बड़े बदलावों की तैयारी शुरू हो चुकी है. नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने राजधानी के विकसित करने को लेकर ऐसा खाका पेश किया, जो न सिर्फ दिल्ली की सूरत बदलेगा बल्कि यहां के नागरिकों के जीवन को भी बेहद आसान बनाएगा. 'विकसित भारत-2047' के विजन को पूरा करने में दिल्ली को देश का सबसे मुख्य ग्रोथ इंजन बताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि असली प्रगति सिर्फ बड़ी इमारतों से नहीं, बल्कि आम जनता की सहूलियत और उनकी कार्यक्षमता को बढ़ाने से आती है. इसी सोच के साथ दिल्ली सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक और जनहितैषी कदम उठाने जा रही है.

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1 लाख करोड़ का रोड नेटवर्क और यमुना सफाई पर महायोजना

दिल्ली की रफ्तार को बढ़ाने और लोगों को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से राजधानी में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल 'रोड इंफ्रास्ट्रक्चर' तैयार किया जा रहा है. इस बेहतरीन नेटवर्क के बन जाने से दिल्ली-एनसीआर में सफर करने वाले करोड़ों कामकाजी लोगों का कीमती समय बचेगा और प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी. इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने एक और सबसे बड़ी उपलब्धि साझा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर एक विशेष 'कोऑर्डिनेशन टीम' बनाई गई है. यह टीम राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखकर यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने और उसके पुराने स्वच्छ स्वरूप को वापस लौटाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ जमीनी स्तर पर काम शुरू कर चुकी है.

छात्राओं को मुफ्त साइकिल और सरकारी स्कूलों में 'एआई' से पढ़ाई

रेखा गुप्ता ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP) के सिद्धांतों को अपनाकर एक नए युग की शुरुआत कर रही है. स्कूली शिक्षा के दौरान कक्षा 9वीं में लड़कियों के पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉपआउट) की समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने छात्राओं को मुफ्त साइकिल देने की एक बेहद शानदार और प्रभावी योजना शुरू की है. इसके अतिरिक्त, शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान दिल्ली में 75 अत्याधुनिक 'सीएम श्री स्कूल' स्थापित किए गए हैं.

बच्चों को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकारी स्कूलों में 8,777 से ज्यादा स्मार्ट क्लासरूम, 125 डिजिटल लाइब्रेरी और 175 कंप्यूटर लैब तैयार किए जा चुके हैं. इन सब में सबसे खास बात यह है कि इस साल से छात्रों के मूल्यांकन और उनकी पढ़ाई को और आसान बनाने के लिए स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक को भी शामिल किया जा रहा है. साथ ही, उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार में पूरी तरह से 'ई-फाइल' और डिजिटलाइजेशन लागू हो चुका है तथा नए 'कंट्रोल एंड कमान सेंटर' स्थापित किए हैं, जबकि 'मिशन कर्मयोगी' के तहत अफसरों की लगातार ट्रेनिंग हो रही है.

युवाओं को मिला रोजगार का बूस्ट

मुख्यमंत्री के अनुसार, दिल्ली के युवाओं को सीधे उद्योग और रोजगार से जोड़ने के लिए सरकार ने व्यावहारिक शिक्षा और कौशल विकास पर अपना ध्यान केंद्रित किया है. इसके तहत दिल्ली के अलग-अलग औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में 9 विशेष 'उत्कृष्टता केंद्र' (Centres of Excellence) स्थापित किए गए हैं. इन आधुनिक केंद्रों में युवाओं को भविष्य की जरूरतों जैसे कि रोबोटिक वेल्डिंग, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, सेमीकंडक्टर तकनीक और स्मार्ट एनर्जी जैसे एडवांस सेक्टर्स में वर्ल्ड-क्लास ट्रेनिंग दी जा रही है. इसके साथ-साथ दिल्ली में केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री विश्वकर्मा' और 'पीएम-सेतु' जैसी योजनाओं को भी बेहद सक्रियता से लागू किया जा रहा है, ताकि स्थानीय कारीगरों और तकनीकी छात्रों को तरक्की के समान अवसर मिल सकें.

सरकारी अस्पतालों में मुफ्त सीटी स्कैन, एमआरआई और 'ब्रेन हेल्थ क्लिनिक'

मुख्यमंत्री ने बताया कि, स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में दिल्ली सरकार आम नागरिकों को बहुत बड़ी राहत देने जा रही है. दिल्ली के सभी प्रमुख सरकारी अस्पतालों में अब पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के माध्यम से मरीजों के लिए बेहद महंगे होने वाले एमआरआई (MRI) और सीटी स्कैन (CT Scan) जैसे बड़े टेस्ट पूरी तरह मुफ्त किए जा रहे हैं. इतना ही नहीं, दिल्ली के द्वारका इलाके में देश का पहला 'ब्रेन हेल्थ क्लिनिक' भी शुरू किया गया है, जो मानसिक और दिमागी स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियों का इलाज करेगा. दिल्ली में किडनी के मरीजों के लिए 150 डायलिसिस केंद्र पहले से ही सफलतापूर्वक चल रहे हैं, जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर सक्रिय हैं, जिन्हें इस साल बढ़ाकर 1,120 करने का लक्ष्य रखा गया है.

रेखा गुप्ता ने खेल के साथ PM के सामने रखी मांगें

रेखा गुप्ता ने बताया कि, खेलों की दुनिया में दिल्ली के युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए 'मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना' के तहत खिलाड़ियों को बेहतरीन ट्रेनिंग, वित्तीय सहायता और सरकारी नौकरियों के सीधे अवसर दिए जा रहे हैं. इसी का नतीजा है कि 'दिल्ली खेल महाकुंभ 2025-26' में 25,000 से अधिक एथलीटों ने हिस्सा लिया, जिससे यह देश का सबसे बड़ा खेल आयोजन बन गया. इस चौतरफा विकास को और तेजी से आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नीति आयोग की बैठक में केंद्र सरकार से दिल्ली के लिए विशेष वित्तीय सहायता बढ़ाने की मांग की है.

चूंकि दिल्ली को वित्त आयोग से कोई सीधा अनुदान नहीं मिलता, इसलिए उन्होंने केंद्रीय आवंटन को अन्य राज्यों की तरह बढ़ाने और लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यों में तेजी लाने के लिए एक अलग इंजीनियरिंग कैडर बनाने का प्रस्ताव भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखा है. साथ ही, मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की विनिर्माण उद्योगों को बढ़ावा देने वाली 'भव्य योजना' के अंतर्गत केंद्र शासित प्रदेश (दिल्ली) की विशिष्ट परिस्थितियों को देखते हुए नई तकनीकों, सेवा क्षेत्र और प्रदूषण-मुक्त विनिर्माण उद्योगों के लिए दिल्ली को भी शामिल करने का आग्रह किया है.

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