कॉकरोच जनता पार्टी प्रोटेस्ट के दौरान हुई हिंसा मामले में पुलिस की जांच जारी है. वहीं, कुछ सूत्रों के अनुसार, अब तक की जांच में ये बात सामने आई है कि CJP प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान में बैठकर पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट्स को एक्टिवली इस्तेमाल किया जा रहा था.
दिल्ली पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली के जंतर मंतर में हुए छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के पीछे की साजिशों की जांच की जा रही है. वहीं, पुलिस ने यह भी बताया कि इस मामले में अब तक 15 FIR दर्ज की जा चुकी है.
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हिंसा में शामिल 2,500 लोगों की हुई पहचान
वहीं, पुलिस के अनुसार, कनॉट प्लेस थाना, मंदिर मार्ग थाना, तिलक मार्ग थाना, पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना और कर्तव्य पथ थाने में FIR दर्ज कराई गई है. इसके अलावा FRS, फेसियल रिकग्निशन सिस्टम और AI, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैमरों की मदद से हिंसा में शामिल करीब 2,500 लोगों की पहचान कर ली गई है.
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20 जुलाई को CJP के संसद चलो प्रदर्शन के बाद हुई हिंसा मामलों में कर्तव्य पथ और नई दिल्ली के अन्य थानों में दंगा करने, सरकारी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने और हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) जैसी 13 संगीन धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं.
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इंटरनेट बंद होने के बाद भी हुआ कई ऐप्स का इस्तेमाल
हिंसा को देखते हुए इंटरनेट की सेवाएं बंद कर दी गई थी. लेकिन जांच में ये सामने आया है कि इंटरनेट बंद होने के बावजूद 20 जुलाई से 25 जुलाई शाम तक लगातार हुए पथराव में शामिल उपद्रवियों ने दंगा भड़काने और पुलिस पर हमले की योजना बनाने के लिए बिना इंटरनेट वाले ब्लूटूथ मेश-नेटवर्क ऐप्स का भी इस्तेमाल किया था. वहीं, दिल्ली पुलिस वीडियो क्लिप्स, सोशल मीडिया चैट्स, सीसीटीवी फुटेज और मौके से बनाए गए मोबाइल वीडियो की फॉरेंसिक जांच लगातार की जा रही है.
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हिंसा में शामिल प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग पर दिल्ली पुलिस सूत्रों का कहना है कि कोई भी स्टेप आधिकारिक निर्देश मिलने के बाद ही लिया जाएगा. लेकिन साथ ही ये भी स्पष्ट है कि असामाजिक तत्व और अपराधी किस्म के लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.