मुख्य बातें:
- राजीव चौक को पूरी तरह जाम मुक्त बनाने के लिए NHAI ने नया डिजाइन फाइनल कर लिया है.
- दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे और सोहना हाईवे को जोड़ने के लिए दो एलिवेटेड रैंप बनेंगे.
- एक रैंप ताऊ देवीलाल स्टेडियम से गुजरेगा और दूसरे के लिए BSNL जमीन देने को राजी है.
- इस प्रोजेक्ट के बनने से राजीव चौक पर लगने वाला 30 मिनट का जाम पूरी तरह खत्म होगा.
- जाम खत्म होने से अलीपुर के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल भी काफी बढ़ जाएगा.
Rajiv Chowk Traffic: गुरुग्राम के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक राजीव चौक को ट्रैफिक जाम से पूरी तरह मुक्त करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक बड़ा प्लान तैयार कर लिया है. इस योजना के तहत चौक पर दो नए एलिवेटेड रैंप बनाए जाएंगे, जिससे दिल्ली और सोहना की तरफ से आने-जाने वाले वाहनों को बिना रुके सीधे रास्ता मिल जाएगा. फिलहाल राजीव चौक पर चौबीसों घंटे ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है, जिससे पार करने में लोगों को आधे से एक घंटे तक का समय लग जाता है. इस नए प्रोजेक्ट के शुरू होने से गुरुग्राम और दिल्ली के लाखों वाहन चालकों को रोजाना के भीषण जाम से हमेशा के लिए आजादी मिल जाएगी.
राजीव चौक पर नए एलिवेटेड रैंप का डिजाइन कैसा होगा?
NHAI ने जाम की समस्या को खत्म करने के लिए जो नया डिजाइन तैयार किया है, उसके तहत दो अलग-अलग एलिवेटेड रैंप बनाए जाएंगे. पहला रैंप दिल्ली की तरफ से आने वाले वाहनों को सीधे सोहना हाईवे पर ले जाएगा, जबकि दूसरा रैंप सोहना की तरफ से आने वाले ट्रैफिक को दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा. इसकी पूरी रूपरेखा नीचे दी गई टेबल में आसानी से समझी जा सकती है.
| एलिवेटेड रैंप का रूट | कहां से गुजरेगा / किस जमीन की जरूरत है | मुख्य लाभ |
| दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे से सोहना हाईवे | ताऊ देवीलाल स्टेडियम से होते हुए बनाया जाएगा | दिल्ली से सोहना जाने वाले वाहन बिना चौक पर रुके सीधे निकल जाएंगे |
| गुरुग्राम-सोहना हाईवे से दिल्ली एक्सप्रेसवे | इसके निर्माण के लिए BSNL की जमीन की आवश्यकता है | सोहना से जयपुर और दिल्ली जाने वाले वाहनों को जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा |
राजीव चौक पर फिलहाल जाम की क्या स्थिति है?
राजीव चौक साइबर सिटी का एक ऐसा मुख्य केंद्र है जहां से शहर के किसी भी इलाके में जाने के लिए गाड़ियां मिलती हैं. इस वजह से यहां गाड़ियों का दबाव बहुत ज्यादा रहता है. जिस चौराहे को पार करने में सिर्फ एक मिनट लगना चाहिए, वहां पीक ऑवर के दौरान लोगों को औसतन 25 से 30 मिनट और कई बार एक घंटे तक फंसना पड़ता है.
इस नए प्रोजेक्ट के लिए जमीन का इंतजाम कैसे किया जाएगा?
सोहना से दिल्ली की तरफ रैंप बनाने के लिए भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) की जमीन की जरूरत है. अच्छी बात यह है कि BSNL इस प्रोजेक्ट के लिए अपनी जमीन देने को तैयार हो गया है. जमीन की सहमति मिलने के बाद अब NHAI इस पर आने वाले कुल खर्च का एस्टीमेट तैयार कर रहा है, जिसके तुरंत बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
इस नए रैंप के बनने से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को क्या फायदा होगा?
गुरुग्राम-सोहना हाईवे आगे चलकर अलीपुर गांव के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ता है. अभी राजीव चौक के भयंकर जाम के डर से बहुत से लोग इस रास्ते का इस्तेमाल नहीं करते हैं. स्थिति यह है कि जितना समय राजीव चौक से अलीपुर पहुंचने में लगता है, उससे कहीं ज्यादा समय सिर्फ राजीव चौक को पार करने में लग जाता है. रैंप बनने के बाद दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की आवाजाही काफी बढ़ जाएगी.
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इस परियोजना को लेकर सरकार का क्या रुख है?
हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि अधिकारियों को जमीनी स्तर पर काम जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार होने के कारण इस योजना को पूरा करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा. आने वाले कुछ सालों में शहर की ऐसी हर ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा.
निष्कर्ष
NHAI का यह नया प्लान गुरुग्राम की सबसे बड़ी ट्रैफिक समस्या का एक परमानेंट इलाज साबित होगा. एलिवेटेड रैंप बनने से न केवल समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि दिल्ली-सोहना रूट पर सफर करने वाले हजारों लोगों का रोजाना का सफर बेहद आसान हो जाएगा.