ग्रेटर नोएडा, नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाजियाबाद के बीच रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है. 130 मीटर रोड पर तिलपता गोलचक्कर से मकौड़ा गोलचक्कर के बीच बना रेलवे ओवरब्रिज अब वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है. लंबे समय से इस पुल का इंतजार किया जा रहा था, क्योंकि इस रूट पर रोज भारी ट्रैफिक का दबाव बना रहता था. पुल शुरू होने के बाद अब लोगों को अंडरपास और जाम की परेशानी से काफी हद तक छुटकारा मिलने की उम्मीद है. खास बात यह है कि इस मार्ग का इस्तेमाल बड़ी संख्या में ऑफिस जाने वाले, स्कूल-कॉलेज के छात्र करते हैं.
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कैसा है नया ओवरब्रिज और क्यों थी इसकी जरूरत
यह नया रेलवे ओवरब्रिज करीब 1.6 किलोमीटर लंबा है और इसे कई लेन में तैयार किया गया है, ताकि एक साथ ज्यादा से ज्यादा वाहन आसानी से गुजर सकें. पुल के नीचे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की रेलवे लाइन गुजरती है, इसलिए यहां सुरक्षित और बिना रुकावट यातायात के लिए ROB जरूरी माना जा रहा था. पिछले कुछ समय से 130 मीटर रोड पर अंडरपास के पास अक्सर लंबा जाम लग जाता था, खासतौर पर बरसात के मौसम में पानी भरने की वजह से लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाती थीं. इसी वजह से स्थानीय लोगों और प्राधिकरण की ओर से इस परियोजना को जल्द पूरा करने की मांग लगातार उठ रही थी. अब पुल खुलने से इस पूरे कॉरिडोर पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है.
किन लोगों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
इस ROB के शुरू होने से सबसे ज्यादा राहत ग्रेटर नोएडा वेस्ट, ग्रेटर नोएडा, नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को मिलेगी. 130 मीटर रोड इस पूरे क्षेत्र की अहम कनेक्टिविटी लाइन मानी जाती है, इसलिए यहां जाम कम होने का असर हजारों लोगों की रोजमर्रा की यात्रा पर पड़ेगा. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह पुल काफी उपयोगी साबित होगा. पहले जहां अंडरपास के कारण रफ्तार धीमी हो जाती थी, वहीं अब ओवरब्रिज से सफर ज्यादा सीधा, तेज और आरामदायक हो सकेगा.
इतना ही नहीं, यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए प्राधिकरण अब तिलपता गोलचक्कर के दोनों ओर 130 मीटर रोड पर यू-टर्न बनाने की तैयारी भी कर रहा है. इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है और अगले कुछ महीनों में यह काम पूरा होने की उम्मीद है.