दिल्ली के द्वारका जिले की साइबर पुलिस ने एक ऐसे ठग को गिरफ्तार किया है, जो गृह मंत्रालय (MHA) का अधिकारी बनकर लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल वापस दिलाने का झांसा देकर ठगी करता था। आरोपी ने एक महिला से 33,000 रुपये ठगे थे। दरअसल, इस मामले में पीड़िता ने अपने खोए हुए मोबाइल को वापस पाने के लिए फेसबुक पर एक पोस्ट डाली थी। इसके बाद, उसे एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को अनुराग मिश्रा बताया और कहा कि वह गृह मंत्रालय में पीए है। उसने पीड़िता को उसके खोए हुए मोबाइल की जानकारी दी, जिससे पीड़िता को उस पर विश्वास हो गया। फिर आरोपी ने पीड़िता से 33,000 रुपये एक बैंक खाते में डालने के लिए कहा। पैसे मिलने के बाद, उसने पीड़िता का नंबर ब्लॉक कर दिया।
वहीं, साइबर पुलिस स्टेशन, द्वारका की टीम ने तकनीकी सर्विलेंस और कड़ी मेहनत से आरोपी को गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान राजेश कुमार के रूप में हुई है। आरोपी गृह मंत्रालय का पीए बनकर लोगों को फोन करता था और उन्हें उनके खोए हुए मोबाइल वापस दिलाने का झांसा देता था। फिर, वह उनसे पैसे ऐंठ लेता था। आरोपी ने इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक में एक खाता खोला था, जिसका इस्तेमाल वह ठगी के पैसे लेने के लिए करता था।
साइबर सेल ने किए दो बड़े रैकेटों का भंडाफोड़
वहीं, दिल्ली पुलिस को साइबर क्राइम के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही एक बड़ी सफलता मिली है। साइबर सेल ने दो बड़े साइबर अपराध रैकेटों का भंडाफोड़ किया है। दिल्ली पुलिस के बाहरी उत्तरी जिले के साइबर अपराध पुलिस स्टेशन ने दो बड़े साइबर क्राइम का पर्दाफाश किया है। पहला मामला खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन के जरिए पैसे निकालने वाले एक गिरोह से संबंधित है। इस गिरोह के सदस्य खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन के सिम कार्ड को सक्रिय करते थे। फिर यूपीआई और अन्य डिजिटल भुगतान विधियों का इस्तेमाल करके पीड़ितों के बैंक खातों से पैसे निकालते थे।