Who is Yash Dabas DUSU President: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के चुनाव परिणामों के बाद नए अध्यक्ष यश डबास लगातार सुर्खियों में हैं. अध्यक्ष पद के मुकाबले में ABVP के यश डबास को कुल 24,576 वोट मिले. उन्होंने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी NSUI के प्रत्याशी विजय शंकर मीणा को मात दी, जिन्हें 22,523 वोट हासिल हुए. DUSU अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने के बाद ABVP के यश डबास ने इस जीत को छात्रों, सद्भाव और संघ की जीत बताया. उन्होंने कहा, "यह छात्रों की जीत है; यह सद्भाव की जीत है, यह संघ की जीत है, और यह देशभक्तों की जीत है. यह हर उस छात्र की जीत है जो इस संघर्ष में हमारे साथ खड़ा रहा, पिछले कई सालों में हमारे सभी कामों में हाथ बंटाया और कंधे से कंधा मिलाकर चला.
कौन हैं DUSU के नए अध्यक्ष यश डबास?
यश डबास मूल रूप से दिल्ली के कंझावला इलाके के रहने वाले हैं. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज (SGTB) में दाखिला लिया, जहां से उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन पूरी की. वर्तमान में वह डीयू के बौद्ध स्टडीज डिपार्टमेंट से MA की पढ़ाई कर रहे हैं.
---विज्ञापन---
DUSU चुनाव में ABVP ने 4 में से 3 पद जीते, जानें कौन बना अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और सचिव
टेनिस कोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय पहचान
छात्र राजनीति के मंच पर आने से पहले यश डबास खेल के मैदान में अपनी बड़ी पहचान बना चुके हैं. वह एक बेहतरीन अंतरराष्ट्रीय टेनिस खिलाड़ी रहे हैं. यश ने न केवल राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, बल्कि स्पेन, ऑस्ट्रेलिया और सर्बिया जैसे देशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आईटीएफ (ITF) प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लेकर देश का मान बढ़ाया है. खेल से मिली अनुशासन और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें छात्र राजनीति में भी एक अलग पहचान दिलाई.
---विज्ञापन---
6 साल की छात्र राजनीति और अहम मुद्दे
यश डबास कोई नए चेहरे नहीं हैं, बल्कि वे पिछले लगभग 6 वर्षों से ABVP के कार्यकर्ता के रूप में जमीनी स्तर पर छात्र समुदाय की सेवा कर रहे हैं. छात्रों के बीच उनकी गहरी पैठ का ही नतीजा रहा कि उन्हें इस बड़े पद की जिम्मेदारी मिली. चुनाव प्रचार के दौरान यश ने छात्रों से जुड़े बुनियादी और गंभीर मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाया. उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में कैंपस और उसके आसपास छात्र सुरक्षा, हॉस्टल्स और निजी पीजी (PG) का अनिवार्य 'सेफ्टी ऑडिट' कराना और कॉलेज परिसरों में बेहतर सुविधाएं मुहैया कराना शामिल रहा. खेल के मैदान से छात्र राजनीति के शीर्ष तक पहुंचने वाले यश डबास से अब छात्रों को अपनी समस्याओं के ठोस समाधान की बड़ी उम्मीदें हैं.
---विज्ञापन---