दिल्ली के लोग इस समय भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं. बीते दिनों मौसम विभाग ने वीकेंड पर दिल्ली में बारिश, आंधी और तूफान की संभावना जताई थी, लेकिन दिल्ली में रविवार को भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहा. इस दौरान दिल्ली का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया और शहर में पिछले दो सालों में जून की सबसे गर्म सुबह दर्ज की गई.
दिल्ली-NCR का हाल: दो साल की सबसे गर्म सुबह और रात
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शहर के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 4.6 डिग्री ज्यादा था. रात में भी कोई राहत नहीं मिली; न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.2 डिग्री ज्यादा था और जून 2024 के बाद से दर्ज किया गया सबसे ज्यादा न्यूनतम तापमान था. इससे पहले शहर में न्यूनतम तापमान 14 जून, 2024 को इससे ज्यादा था, जब यह 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.
दिल्ली में हीटवेव जारी
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में लू (हीटवेव) की स्थिति बनी हुई है. ज्यादा नमी के कारण शाम 5:30 बजे हीट इंडेक्स या 'फील्स लाइक टेंप्रेचर' लगभग 50.7 डिग्री सेल्सियस था, जिससे बाहर का माहौल काफी खतरनाक हो गया था. दिन के दौरान नमी का स्तर 37 से 70 प्रतिशत के बीच रहा.
क्यों बढ़ रही है दिल्ली में गर्मी और उमस?
स्काईमेट के वाइस प्रेसिडेंट (मौसम विज्ञान और जलवायु परिवर्तन) महेश पलावत के मुताबिक, मानसून में देरी और शुष्क एवं नम हवाओं के आपस में मिलने से तापमान और उमस दोनों बढ़े हुए हैं. पाकिस्तान से आ रही शुष्क पश्चिमी हवाएं तापमान को बढ़ा रही हैं. जबकि अरब सागर से आ रही दक्षिण-पश्चिमी हवाएं उमस बढ़ा रही हैं.
जब ये दोनों हवाएं मिलती हैं तो बादल बनते हैं. लेकिन उनमें व्यापक बारिश के लिए पर्याप्त नमी नहीं होती. शाम 4 या 5 बजे तक बादल बनते हैं, तब तक दिन का अधिकतम तापमान दर्ज हो चुका होता है. यही वजह है कि अधिकतम टेंप्रेचर और फील्स लाइक टेंप्रेचर इतना ज्यादा बना हुआ है.
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दिल्ली में कब दस्तक देगा मॉनसून?
दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने एक राहत भरी खबर दी है. मौसम विभाग की मानें तो 2 से 3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के यूपी और उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों में आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं. इसके बाद 2 से 3 दिनों में इसके उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है. वेदर का पूर्वानुमान जारी करने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट वेदर के अनुसार, यदि हालात अनुकूल रहे तो दिल्ली में 4 जुलाई के आसपास मॉनसून दस्तक दे सकता है.
2 जुलाई से एक्टिव होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग के अनुसार, 2 जुलाई से बनने वाले साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण उत्तर पश्चिमी भारत में बारिश के अलग-अलग दौर शुरू हो सकते हैं. हालात अनुकूल रहे तो जुलाई के पहले हफ्ते में मॉनसून भी दिल्ली एनसीआर को प्रभावित कर सकता है. माना जा रहा है कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम के चलते 3 तारीख के बाद मानसून रफ्तार पकड़ेगा. इसके बाद ही दिल्ली में दस्तक देगा.