देश की राजधानी दिल्ली में हर साल गर्मियों के मौसम में पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है. साथ ही, सीवर ओवरफ्लो की समस्या और यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण भी एक बड़ी समस्या है. इस मुश्किलों से जूझ रहे दिल्लीवासियों को राहत देने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने यमुना पुनर्जीवन, आधुनिक जल प्रबंधन और सीवेज ट्रीटमेंट से जुड़ी ₹1,000 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य यमुना नदी को नया जीवन देने के साथ-साथ दिल्ली के लाखों नागरिकों तक साफ, शुद्ध और पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है. सरकार का दावा है कि इन अत्याधुनिक परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से न सिर्फ पर्यावरण का संरक्षण होगा, बल्कि दिल्ली की जनता को जल संकट और गंदगी से हमेशा के लिए परमानेंट मुक्ति मिल जाएगी.
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₹860 करोड़ से लगेंगे 12 नए हाई-टेक सीवेज प्लांट
इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत सबसे बड़ा निवेश नजफगढ़ विधानसभा क्षेत्र में किया जा रहा है, जहां 'अमृत योजना' के तहत लगभग ₹860 करोड़ की भारी-भरकम लागत से 12 नए डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (DSTP) स्थापित किए जाएंगे. इन सभी नए प्लांट्स की कुल वाटर ट्रीटमेंट क्षमता 46.5 एमजीडी (मिलियन गैलन प्रतिदिन) होगी, जिन्हें मित्राऊं, कैर, कांगनहेड़ी, ककरोला, दिचाऊं कलां, गालिबपुर, सारंगपुर, शिकारपुर, हसनपुर, जाफरपुर, काजीपुर और खेड़ा डाबर जैसे इलाकों में परियोजानाएं शुरू हो जाएंगी.
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सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस कदम से दिल्ली की 121 से अधिक अनधिकृत (कच्ची) कॉलोनियों, 35 गांवों और करीब 7 लाख स्थानीय आबादी को सीधा फायदा पहुंचेगा. इन प्लांट्स के चालू होने के बाद कॉलोनियों का बिना ट्रीट किया गया गंदा और जहरीला पानी सीधे नजफगढ़ ड्रेन (नाले) के जरिए यमुना नदी में गिरने से रोका जा सकेगा, जिससे प्रदूषण का ग्राफ काफी नीचे आ जाएगा.
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शाहदरा में बनेगा नया बूस्टर स्टेशन
जल संरक्षण और रिसाइकल्ड वाटर के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने केशोपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के विस्तार को भी मंजूरी दे दी है. करीब ₹122 करोड़ के बजट से इस प्लांट की मौजूदा क्षमता को 12 एमजीडी से बढ़ाकर सीधे 18 एमजीडी किया जाएगा. साथ ही, पूर्वी दिल्ली की त्रिलोकपुरी विधानसभा क्षेत्र में अमीचंद चौक से लेकर पुराने कल्याणपुरी सीवेज पंपिंग स्टेशन तक करीब ₹57 करोड़ की लागत से एक प्रमुख ट्रंक सीवर लाइन का पुनर्वास किया जाएगा. यह मुख्य सीवर लाइन 40 सालों से भी ज्यादा पुरानी और जर्जर हो चुकी थी, जिसके कारण आए दिन सीवर ओवरफ्लो की गंभीर समस्या बनी रहती थी. साथ ही, शाहदरा के रोहतास नगर इलाके में पानी के प्रेशर को दुरुस्त करने के लिए 0.72 एमजीडी क्षमता वाला एक नया अंडरग्राउंड रिजर्वायर (UGR) और हाई-पावर बूस्टर पंपिंग स्टेशन भी बनाया जाएगा.
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