दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट के आसपास गाड़ी चलाना अब पहले जैसा नहीं रहा. अगर आप ट्रैफिक नियमों को हल्के में लेते हैं, तो सावधान हो जाइए क्योंकि यहां एक बेहद हाईटेक और कैमरा आधारित निगरानी सिस्टम लागू कर दिया गया है. दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL-GMR) और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर एक ऑटोमेटेड ई-चालान सिस्टम शुरू किया है. इस नई व्यवस्था का मुख्य मकसद सड़क सुरक्षा को बढ़ाना और एयरपोर्ट जैसे व्यस्त इलाके में ट्रैफिक की आवाजाही को बिना किसी रुकावट के सुचारू बनाना है. अब नियमों को तोड़ने वालों पर नजर रखने के लिए पुलिसकर्मी की मौजूदगी जरूरी नहीं है, क्योंकि मशीनें खुद ही आपकी गलतियों को पकड़ लेंगी.

एएनपीआर कैमरों का बिछाया गया जाल

इस हाईटेक प्रोजेक्ट के तहत एयरपोर्ट के मुख्य रास्तों पर 14 हाई-डेफिनिशन ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जा चुके हैं. ये कैमरे इतने आधुनिक हैं कि रीयल टाइम में गाड़ियों की नंबर प्लेट पढ़ सकते हैं और उनका रिकॉर्ड रख सकते हैं. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि आने वाले समय में 35 और नए कैमरे लगाए जाएंगे, जिसके बाद एयरपोर्ट का लगभग पूरा रोड नेटवर्क इस निगरानी तंत्र के दायरे में आ जाएगा. सेंट्रल स्पाइन रोड, कार्गो टर्मिनल, रंगपुरी, एरोसिटी और टर्मिनल 1 के एग्जिट रोड जैसे महत्वपूर्ण पॉइंट्स पर ये कैमरे तैनात किए गए हैं, जहां ट्रैफिक का दबाव सबसे ज्यादा रहता है.

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किन गलतियों पर कटेगा चालान

नया सिस्टम कई तरह के ट्रैफिक उल्लंघन को अपने आप पहचानने में सक्षम है. अगर आप तय सीमा से ज्यादा तेज गाड़ी चलाते हैं या गलत जगह पर पार्किंग करते हैं, तो आपका चालान कटना तय है. इसके अलावा गलत दिशा में गाड़ी चलाना, बाइक पर तीन लोगों का बैठना, बिना हेलमेट सवारी करना, स्टॉप-लाइन का उल्लंघन और रेड लाइट जंप करने जैसी गलतियों पर भी यह सिस्टम तुरंत एक्शन लेता है. जैसे ही कोई गाड़ी नियम तोड़ती है, कैमरा उसकी तस्वीर खींच लेता है और डेटा सीधे नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) को भेज देता है. वहां से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के डेटाबेस के जरिए गाड़ी के मालिक को ई-चालान भेज दिया जाता है.

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सुरक्षा और अनुशासन पर मुख्य फोकस

अधिकारियों का कहना है कि इस पूरी कवायद का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सड़कों पर अनुशासन पैदा करना है. एयरपोर्ट के रास्तों पर अक्सर तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने की शिकायतें आती थीं, जिन्हें अब इन कैमरों की मदद से रोका जा सकेगा. यह पूरा सिस्टम पूरी तरह से टेक्नोलॉजी पर आधारित है और इसमें मानवीय हस्तक्षेप बहुत कम है, जिससे चालान काटने की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी. अब यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे एयरपोर्ट जाते समय ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करें ताकि उन्हें किसी भी तरह की कानूनी परेशानी या जुर्माने का सामना न करना पड़े.

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