दिल्ली में रोजाना लगने वाला ट्रैफिक जाम लोगों की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बन चुका है. ऑफिस जाने वाले कर्मचारी हों, स्कूल-कॉलेज के छात्र या फिर व्यापारी, हर कोई घंटों तक सड़कों पर फंसने को मजबूर रहता है. कई इलाकों में सुबह और शाम के समय हालात इतने खराब हो जाते हैं कि कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में भी घंटों का समय लग जाता है. बढ़ती गाड़ियों, अवैध पार्किंग और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के कारण राजधानी की सड़क व्यवस्था लगातार दबाव में है. इसी समस्या को कम करने के लिए अब प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है, ताकि इस स्थिति पर काबू पाया जा सके. रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में ऐसे 62 बड़े स्थानों की पहचान की गई है, जहां सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम लगता है. इन जगहों पर ट्रैफिक सुधार और सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 160 से ज्यादा सुधार कार्य शुरू किए गए हैं, ताकि लोगों को रोजाना के जाम से राहत मिल सके.
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AI से कंट्रोल होगा ट्रैफिक
उप राज्यपाल ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार कार्यों की समीक्षा की है. राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था को स्मार्ट और आधुनिक बनाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI तकनीक का सहारा लिया जाएगा. बैठक में राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और बेहतर बनाने पर चर्चा हुई. इसमें दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के तमाम बड़े अधिकारी मौजूद रहे.
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अधिकारियों के अनुसार इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के जरिए ट्रैफिक सिग्नल, वाहनों की आवाजाही और सड़क सुरक्षा पर नजर रखी जाएगी. इससे ट्रैफिक को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और जाम की स्थिति को जल्दी संभाला जा सकेगा. इसके अलावा नई तकनीक के जरिए ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की पहचान भी तेजी से की जा सकेगी. प्रशासन का मानना है कि तकनीक का सही इस्तेमाल राजधानी की यातायात व्यवस्था को पहले से ज्यादा व्यवस्थित और सुरक्षित बना सकता है.
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सड़क सुधार और लोगों की शिकायतों पर भी रहेगा फोकस
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन सिर्फ नियम लागू करने तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि सड़क व्यवस्था में स्थायी सुधार लाने की योजना पर भी काम कर रहे हैं. इसके तहत कई जगहों पर सड़क चौड़ीकरण, ट्रैफिक डायवर्जन और सिग्नल सिस्टम में बदलाव किए जा रहे हैं. साथ ही 'प्रोजेक्ट संगम' के जरिए आम लोगों की शिकायतों और सुझावों को भी ट्रैफिक सिस्टम से जोड़ा जाएगा. इससे नागरिक अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे और समाधान की प्रक्रिया तेज होगी. अधिकारियों का कहना है कि लोगों की भागीदारी के बिना ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह सुधारना संभव नहीं है.
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नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी
उप राज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने गलत दिशा में वाहन चलाने, अवैध पार्किंग और भारी वाहनों की गैरकानूनी एंट्री को गंभीर समस्या बताते हुए इनके खिलाफ मिशन मोड में कार्रवाई करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इसके लिए जागरूकता अभियान और सख्त प्रवर्तन दोनों जरूरी हैं. उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली को सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद ट्रांसपोर्ट सिस्टम देने के लिए तकनीक, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है.
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