खबर की मुख्य बातें
- मेरठ से ऋषिकेश तक करीब 150 किमी लंबे नमो भारत कॉरिडोर के सर्वे की तैयारी.
- दिल्ली से ऋषिकेश का सफर घटकर लगभग ढाई से तीन घंटे तक रह सकता है.
- मुजफ्फरनगर, रुड़की, हरिद्वार और लक्ष्मण झूला तक मिलेगा हाई-स्पीड रेल कनेक्शन.
दिल्ली से मेरठ तक नमो भारत से यात्रा करने वाले लोगों को इस रेल प्रोजेक्ट की मदद से काफी आसानी और लाभ मिला है. नमो भारत ने न सिर्फ इस रूट के यात्रियों को रोजाना के लंबे वा थकाऊ सफर से आराम दिया है, बल्कि उनकी जेब का भी ख्याल किया है. पहले जहां लोगों को इस दूरी को पूरी करने के लइए भारी ट्रैफिक और बसों का इंतजार करना पड़ता था, नमो भारत के आने से सफर सुरक्षित, आरामदायक और आसान बन गया है. इसी सेवा को और बढ़ाने के लिए दिल्ली से ऋषिकेश तक नमो भारत की कनेक्टिविटी से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है.
रिपोर्ट के अनुसार, मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत रैपिड रेल (RRTS) कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. उत्तर प्रदेश सरकार इस परियोजना के सर्वे के लिए अपनी लिखित सहमति दे चुकी है, जबकि उत्तराखंड सरकार ने भी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है. जैसे ही दोनों राज्यों की औपचारिक मंजूरी पूरी होगी, नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) सर्वे और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करेगा. यह परियोजना उत्तर भारत की सबसे महत्वपूर्ण हाई-स्पीड रेल योजनाओं में से एक मानी जा रही है.
यह भी पढ़ें:दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सफर करने जा रहे हैं? भूलकर भी न करें ये आम सी दिखने वाली
3 घंटे में पूरा होगा 6 घंटे वाला सफर
अब दिल्ली से ऋषिकेश की 230 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करने में आपको सड़कों के भारी जाम और 6 घंटे के लंबे सफर से नहीं जूझना पड़ेगा. इस परियोजना के पूरे होने से यह समय सीमा महज 3 घंटे में सिमट जाएगी. बता दें कि हाईस्पीड आरआरटीएस (RRTS) यानी 'नमो भारत' रैपिड रेल का विस्तार अब मेरठ से आगे सीधे उत्तराखंड के ऋषिकेश तक करने की तैयारी तेज हो गई है. इसके 150 किलोमीटर लंबे नए ट्रैक का जमीनी सर्वे और प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने का काम बहुत जल्द शुरू होने वाला है. इस नए रूट के बन जाने से दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए पहाड़ों और तीर्थ स्थलों का सफर बेहद आसान, सुरक्षित और सुपरफास्ट हो जाएगा.
दिल्ली से मेरठ सफर हुआ आसान, तो अब ऋषिकेश भी दूर नहीं
इस साल फरवरी में दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक हाईस्पीड नमो भारत ट्रेन का सफल संचालन शुरू होने से इस रूट के लोगों को काफी फायदा मिला है. इस शुरुआती कॉरिडोर ने रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और आम यात्रियों की जिंदगी को पूरी तरह बदल गई है. जिस दूरी तय करने में पहले घंटों बर्बाद होते थे, उसे नमो भारत ने आरामदायक और चंद मिनटों का सफर बना दिया है. इसी शानदार सफलता को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर इस रूट को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव सौंपा था. अब इस योजना को पंख लग गए हैं और मौजूदा 82 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को ऋषिकेश तक 150 किलोमीटर और आगे बढ़ाया जा रहा है.
| पैरामीटर | जानकारी |
|---|---|
| परियोजना | मेरठ-ऋषिकेश नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर |
| कुल लंबाई | लगभग 150 किलोमीटर |
| दिल्ली-ऋषिकेश दूरी | करीब 230 किलोमीटर |
| वर्तमान यात्रा समय | लगभग 5-6 घंटे (सड़क मार्ग) |
| प्रस्तावित यात्रा समय | करीब 2.5 से 3 घंटे |
| अधिकतम स्पीड | 160 किमी/घंटा |
| प्रमुख शहर | मेरठ, मुजफ्फरनगर, रुड़की, हरिद्वार, ऋषिकेश |
| शुरुआती स्टेशन | मोदीपुरम (मेरठ) |
| अंतिम स्टेशन | लक्ष्मण झूला (ऋषिकेश) |
| यूपी में ट्रैक | 72 किलोमीटर |
| उत्तराखंड में ट्रैक | 78 किलोमीटर |
| मौजूदा नमो भारत रूट | दिल्ली (सराय काले खां) से मेरठ (मोदीपुरम) |
| वर्तमान स्थिति | सर्वे और DPR की तैयारी |
| मुख्य फायदा | तेज यात्रा, ट्रैफिक में कमी, पर्यटन और तीर्थ यात्रा को बढ़ावाl |
कब शुरू होगा मेरठ से ऋषिकेश कॉरिडोर का काम?
उत्तर प्रदेश सरकार ने एनसीआरटीसी (NCRTC) को अपनी लिखित मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही उत्तराखंड सरकार ने भी इस पर अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है और वहां से भी बहुत जल्द लिखित आदेश जारी होने की उम्मीद है. अब इस पूरे प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए ₹7.02 करोड़ के परामर्श शुल्क को आकस्मिकता निधि से पास करने की प्रक्रिया अपने आखिरी दौर में है. जैसे ही यह बजट पास होगा, एनसीआरटीसी की तकनीकी टीमें जमीन पर उतरकर ट्रैक और स्टेशनों के लिए मैपिंग व सर्वे का काम तत्काल प्रभाव से शुरू कर देंगी. इस काम के पूरा होने के बाद ही इस कॉरिडोर को बनाने का काम शुरू होगा.
कहां-कहां से गुजरेगा नया रूट? इन शहरों की चमकेगी किस्तम
इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना के तहत कुल 150 किलोमीटर का नया ट्रैक बिछाया जाएगा. यह नया रूट मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से आगे शुरू होगा और मुजफ्फरनगर होते हुए उत्तराखंड राज्य की सीमा में प्रवेश करेगा. इसके बाद यह हाईस्पीड ट्रैक रुड़की और हरिद्वार में मां गंगा के पावन तट 'हर की पैड़ी' से होते हुए ऋषिकेश के आखिरी छोर प्रसिद्ध 'लक्ष्मणझूला' तक पहुंचेगा. इस पूरे ट्रैक का लगभग 72 किलोमीटर का हिस्सा उत्तर प्रदेश के जिलों में आएगा, जबकि बाकी का 78 किलोमीटर का हिस्सा उत्तराखंड राज्य के अंतर्गत तैयार किया जाएगा.
160 की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन
नमो भारत रैपिड रेल की सबसे बड़ी खासियत इसकी रफ्तार है, जो 160 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से पटरियों पर दौड़ सकती है. वर्तमान में अगर कोई व्यक्ति सड़क मार्ग या कार के जरिए मेरठ होते हुए दिल्ली से ऋषिकेश जाता है, तो उसे कम से कम 5 से 6 घंटे का समय लगता है, जो त्योहारों या वीकेंड पर जाम के कारण और बढ़ जाता है. लेकिन इस आरआरटीएस कॉरिडोर के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद, दिल्ली से ऋषिकेश तक का कुल 230 किलोमीटर का सफर सिमटकर सिर्फ ढाई से तीन घंटे का रह जाएगा. यानी आपकी यात्रा का समय सीधे आधा हो जाएगा.
तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सबसे ज्यादा फायदा
इस रेल सेवा के विस्तार से उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पर्यटन व कनेक्टिविटी को एक नई दिशा मिलेगी. हर साल देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार में गंगा स्नान और ऋषिकेश में योग, ध्यान व एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए आते हैं. नमो भारत के शुरू होने से इन सभी तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को एक आधुनिक, साफ-सुथरी और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था मिलेगी. इसके अलावा, इस कॉरिडोर के चालू होने से नेशनल हाईवे पर चलने वाले निजी वाहनों और टैक्सियों की संख्या में भारी कमी आएगी, जिससे न सिर्फ सड़कों पर लगने वाले लंबे जाम से मुक्ति मिलेगी बल्कि पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में भी बड़ी मदद मिलेगी. साथ ही, जो लोग परिवार या दोस्तों के साथ घूमने का मन रखते हैं, लेकिन छुट्टी के कारण ज्यादा दूर नहीं जा पाते, तो उनके लिए यह रेल सेवा काफी फायदेमंद साबित होगी. इससे वह एक दिन में ऋषिकेश का मजा लेकर दिल्ली वापस आ सकेंगे.
मुख्य निष्कर्ष: मेरठ से ऋषिकेश तक प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को नई पहचान दे सकता है. परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली से ऋषिकेश का सफर लगभग आधा रह जाएगा, जिससे यात्रियों का समय बचेगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलेगी.
यह भी पढ़ें- कानपुर वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! सफल रहा Kanpur Metro ट्रायल, 7 नए स्टेशन के साथ जल्द