दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में लड़कों के एक पीजी की इमारत गिर गई, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई. यह पीजी दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के थी. इमारत के मलबे में अभी भी करीब 20 लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने की कोशिश की जा रही है. हादसे में कई लोग जख्मी भी हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. बताया जा रहा है कि जो इमारत गिरी है, वह जर्जर हाल में थी. अब सवाल उठ रहे हैं कि इतनी पुरानी इमारत में कैसे पीजी चलाया जा रहा था और इसके लिए मंजूरी ली गई थी या नहीं. इसके साथ ही इमारत की पांच मंजिल बनाने के लिए क्या इजाजत ली गई थी. हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने बड़ा एक्शन लिया है. बगल वाली बिल्डिंग को खाली कराने का नोटिस जारी किया है. एमसीडी ने इमारत के मालिक को नोटिस थमाते हुए कहा कि नोटिस मिलने के बाद तीन दिनों में उसे गिरा दें. अगर मकान मालिक उस इमारत को नहीं गिराता है तो नगर निगम खुद गिराएगा.

इस हादसे से पहले भी दिल्ली में पिछले पांच साल में कई हादसे हुए थे. इनमें साल 2022 का मुंडका हादसा, ओल्ड राजेंद्र नगर हादसा और हौज रानी अग्निकांड शामिल हैं. अब सवाल ये उठता है कि आखिर इतने हादसे के बाद भी सबक क्यों नहीं लिया गया.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : मलबे में दबे छात्र ने किया वीडियो कॉल, 11 सेकंड में दिखाया सत्य निकेतन हादसे का भयावह मंजर, रोते हुए मांगी मदद

हौज रानी होटल अग्निकांड

जून 2026 में मालवीय नगर के हौजरानी स्थित लेमन ग्रीन रेस्तरां में भीषण आग लगने से करीब दो दर्जन लोगों की मौत हुई थी. जब इमारत में आग लगी थी तो कई लोग अंदर फंस गए थे. कुछ लोगों ने खिड़कियों से कूदकर जान बचाई थी. इस हादसे के पीछे भी वजह शॉर्ट सर्किट बताया गया था. इस इमारत में आग लगने के बाद भी सेफ्टी रूल्स को लेकर सवाल उठे थे. क्योंकि एक बार आग लगने के बाद लोग इमारत से बाहर नहीं निकल पाए थे. लोग अंदर ही फंस गए थे, जिनकी मौत दम घुटने से हो गई. दमकल कर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था.

---विज्ञापन---

मुस्तफाबाद में गई थी 11 की जान

मुस्तफाबाद में 18 अप्रैल 2025 को 4 मंजिला इमारत गिरने से 11 लोगों की जान चली गई थी. दर्जनों लोग इसमें जख्मी हुई थे, जिन्हें चोटें आई थी. हादसे की जांच में सामने आया था कि जिस इलाके में यह इमारत बनी हुई थी, वह पूरा ही गैर-कानूनी था.

यह भी पढ़ें : सत्य निकेतन हादसे का खौफनाक CCTV फुटेज आया सामने, ताश के पत्तों की तरह ढही इमारत

---विज्ञापन---

कोचिंग सेंटर में भरा पानी

27 जुलाई 2024 को नई दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट लाइब्रेरी में पानी भर गया था. इस हादसे में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे तीन छात्रों की मौत हो गई थी. भारी बारिश के बाद अचानक बेसमेंट में पानी घुस गया था, उस वक्त करीब 30 छात्र बेसमेंट में थे. फिर इस मामले की सीबीआई जांच करवाई गई थी, जिसमें सामने आया कि भारी बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा हो गया था, उस पानी को बेसमेंट में घुसने से रोकने के लिए कोई काम नहीं किया गया था. यह भी सामने आया था कि जिस बेसमेंट में लाइब्रेरी चल रही थी, वहां उसकी मंजूरी ही नहीं थी. उसका इस्तेमाल पार्किंग और स्टोरेज के लिए किया जा सकता था. छात्रों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की जांच पर असंतोष जताते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी.

मुखर्जी नगर कोचिंग सेंटर में आग

दिल्ली के मुखर्जी नगर स्थित एक कोचिंग सेंटर में 15 जून 2023 को आग लगी लगी थी. यह आग बिजली के मीटर में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी. आग इतनी भीषण थी कि फायर ब्रिगेड की करीब एक दर्जन गाड़ियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद इस पर काबू पाया था. जब आग लगी, उस वक्त कोचिंग सेंटर के अंदर 200 से 250 छात्र मौजूद थे. ये सभी छात्र तीन मंजिला इमारत में फंस गए थे, जिन्हें बड़ी मुश्किल से सुरक्षित बाहर निकाला गया. कुछ छात्रों ने ऊपर की मंजिल की खिड़कियों से बाहर निकलकर, रस्सियों और पाइपों के जरिए उतरकर अपनी जान बचाई. वहीं, कुछ छात्रों ने तो ऊपर से छलांग ही लगा दी. इस हादसे में करीब पांच दर्जन छात्रों को चोट पहुंची थी.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : Delhi Building Collapsed: सत्य निकेतन के इमारत हादसे की पूरी कहानी, सुनिए चश्मदीद की जुबानी

मई 2022 का मुंडका हादसा

13 मई 2022 को दिल्ली के मुंडका में एक इमारत में आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई थी. यह हादसा पश्चिम दिल्ली के मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास चार मंजिला व्यावसायिक इमारत में हुआ था. यहां आग बुझाने के लिए 30 से ज्यादा दमकल गाड़ियों को लगाया गया था. आग सबसे पहले इमारत की पहली मंजिल में लगी थी. आग में दर्जनों लोग अंदर फंसे हुए थे, जिन्हें बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया था.

---विज्ञापन---