राजधानी दिल्ली में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने ‘ऑपरेशन Cy-Hawk-04’ के तहत अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाया. साउथ-वेस्ट जिले की साइबर टीम ने इस ऑपरेशन में 113 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया और 57 मामलों का खुलासा किया. इन मामलों में करीब 22 करोड़ रुपये की ठगी सामने आई है.

जांच के दौरान पुलिस ने 303 NCRP शिकायतों को म्यूल अकाउंट्स और मोबाइल नेटवर्क से जोड़ते हुए ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाया. साथ ही त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 17 लाख रुपये की रकम को समय रहते फ्रीज भी कराया गया. इस अभियान में पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में नकदी और डिजिटल सामान बरामद किया, जिसमें 47.79 लाख रुपये नकद, एक लग्जरी कार, 85 मोबाइल फोन, 6 लैपटॉप, 135 फर्जी सिम कार्ड, 42 डेबिट कार्ड और 11 पासबुक शामिल हैं.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें- दिल्ली में सनसनी: नाबालिग छात्रा पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला, फिर सिरफिरे ने खुद को जलाया!

---विज्ञापन---

जांच के दौरान एक अंतरराज्यीय गिरोह का भी पर्दाफाश हुआ, जो दिल्ली, गोवा और मुंबई में सक्रिय था. यह गिरोह एनआरआई लोगों को सस्ते एयर टिकट का झांसा देकर ठगी करता था. इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. गिरोह के मास्टरमाइंड मृदुल जोशी को भी पकड़ा गया है. एक पीड़ित से 3.8 लाख रुपये की ठगी की गई थी और आरोपियों के पास से 47 लाख रुपये नकद और एक लग्जरी कार बरामद हुई.

इसके अलावा पुलिस ने फर्जी लोन ऐप के जरिए ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भी खुलासा किया. इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. यह गिरोह पाकिस्तान और बांग्लादेश के वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल करता था और लोगों को लोन देने के बाद उन्हें ब्लैकमेल करता था. ठगी की रकम को म्यूल अकाउंट्स और क्रिप्टोकरेंसी में बदल दिया जाता था. पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 488 लोगों से पूछताछ की और 23 नए मामले दर्ज किए हैं.

ये भी पढ़ें- धुरंधर 2 देखकर लौटे युवकों का महाराष्ट्र में खूनी खेल, नशे में धुत युवकों ने दिनदहाड़े किया तीन लोगों पर चाकू से वार