खबर की मुख्य बातें:-
- DMRC ने यशोभूमि मेट्रो स्टेशन से गुरुग्राम के राजीव चौक तक नए मेट्रो कॉरिडोर की DPR तैयार कर मंजूरी के लिए भेजी है.
- 20 किलोमीटर लंबे इस मेट्रो रूट पर करीब 13,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और इसमें 5 अंडरग्राउंड स्टेशन बनाने की योजना है.
- बिजवासन, कापसहेड़ा, सेक्टर-22 गुरुग्राम, इफ्को चौक और राजीव चौक जैसे प्रमुख इलाकों को नई मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी.
दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क को और मजबूत और अलग-अलग इलाकों तक कनेक्टिविटी दिलाने की दिशा में कई फेज पर काम तेजी से चल रहे हैं. इसी कड़ी में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने यशोभूमि मेट्रो स्टेशन से गुरुग्राम के राजीव चौक तक प्रभावित नए मेट्रो रेल कॉरिडोर की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली है. इतना ही नहीं डीपीआर को तैयार करने के बाद आगे की मंजूरी के लिए शहरी एवं आवासन मंत्रालय के पास भेज दिया गया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के तहत इस कॉरिडोर में लगभग 20 किलोमीटर लंबा मेट्रो मार्ग बनेगा, जो दिल्ली और गुरुग्राम के बीच पहले से बेहतर और आरामदायक सफर करने का अनुभव देगा, जिससे रोजाना के लाखों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है.
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कितने करोड़ की लागत से बनेगा नया कॉरिडोर?
DMRC द्वारा तैयार की गई DPR के अनुसार, नए मेट्रो रूट के निर्माण पर लगभग 13,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इतने रुपयों का इस्तेमाल इस रूट को बेहतर के यात्रियों को सुविधा पहुंचाने के लिए जरूरी माना जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, इस कॉरिडोर में 5 अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है, जिससे कार्य के दौरान सड़क पर ट्रैफिक का दबाव नहीं बढ़ेगा और किसी तरह की असुविधा नहीं होगी. इसके अलावा इसे दिल्ली और गुरुग्राम के कई इलाकों से जोड़ा जाएगा, ताकि यात्रा आसान हो सके.
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इन जगहों पर बनाए जाएंगे अंडरग्राउंड स्टेशन
प्रस्तावित मेट्रो लाइन के तहत दिल्ली और गुरुग्राम के प्रमुख इलाकों को जोड़ा जाएगा. DPR के अनुसार, इस रूट पर दिल्ली के बिजवासन और कापसहेड़ा जबकि गुरुग्राम के सेक्टर-22, इफ्को चौक और राजीव चौक पर भूमिगत यानी अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन बनाए जाने की योजना है. माना जा रहा है कि इन स्टेशनों के जरिए आसपास के रिहायशी क्षेत्रों, ऑफिस एरिया और अन्य इलाकों में रहने वाले लोगों को सीधा फायदा मिलेगा. इस रूट के तैयार होने से उन्हें दूर मेट्रो स्टेशन नहीं जाना पड़ेगा और साथ ही, उनका अच्छा खासा किराया भी बचेगा.
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क्या रहेगा इस मेट्रो कॉरिडोर का रूट?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नई मेट्रो लाइन की शुरुआत दिल्ली के यशोभूमि मेट्रो स्टेशन से होगी. वहां से निकलने के बाद यह धूल सिरस, भरथल, बिजवासन, कापसहेड़ा होते हुए गुरुग्राम में प्रवेश करेगा. आगे यह मौलाहेड़ा, उद्योग विहार और इफ्को चौक से होते हुए दिल्ली-जयपुर हाईवे के रास्ते राजीव चौक तक पहुंचेगा. अगर इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलती है, तो इन इलाकों में रहने वाले लोगों को किस्मत चमक जाएगी, यानी एक तो यहां के लोगों को आसान और डायरेक्ट मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी और साथ ही, रियल एस्टेट को भी बढ़ावा मिलेगा.
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| प्रोजेक्ट जानकारी | विवरण |
|---|---|
| मेट्रो रूट | यशोभूमि से राजीव चौक |
| कुल लंबाई | लगभग 20 किलोमीटर |
| अनुमानित लागत | करीब 13,500 करोड़ रुपये |
| अंडरग्राउंड स्टेशन | 5 स्टेशन |
| निर्माण एजेंसी | DMRC |
| मुख्य लाभ | दिल्ली और गुरुग्राम के बीच तेज औरआसान कनेक्टिविटी |
मेट्रो और नमो भारत कनेक्टिविटी भी राह पर
इस नए मेट्रो कॉरिडोर की खास बात यह है कि यह भविष्य में बनने वाले अन्य बड़े ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट से भी इसे जोड़ जा सकेगा. यानी गुरुग्राम के इफ्को चौक और राजीव चौक पर प्रस्तावित नमो भारत ट्रेन नेटवर्क के साथ इस नए मेट्रो कॉरिडोर की कनेक्टिविटी दिलाने की योजना है. इससे दिल्ली, गुरुग्राम और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में रहने वाले यात्रियों को बेहतर और तेज परिवहन सुविधा मिलेगी. माना जा रहा है कि इस तरह के प्रोजेक्ट निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में भी मदद करेंगे, जिसका एक बड़ा फायदा यह रहेगा कि दिल्ली-NCR में प्रदूषण की कमर टूटेगी.
मुख्य निष्कर्ष:- यशोभूमि से राजीव चौक तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर दिल्ली और गुरुग्राम के बीच सफर को आसान बनाने वाला बड़ा प्रोजेक्ट है. इससे प्रमुख इलाकों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, यात्रा का समय कम होगा और दिल्ली-NCR के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को मजबूती मिलेगी.
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