हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

दिल्ली में कोचिंग सेंटरों पर कसने जा रहा शिकंजा, फीस और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बनेंगे कड़े नियम

यह कदम करीब दो साल पहले ओल्ड राजेंद्र नगर के एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने के कारण तीन UPSC उम्मीदवारों की दर्दनाक मौत के बाद उठाया गया है.

विज्ञापन

दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कोचिंग सेंटरों की मनमानी और सुरक्षा में लापरवाही के दिन अब लदने वाले हैं. दिल्ली सरकार राजधानी के कोचिंग सेक्टर को रेगुलेट करने के लिए एक बेहद सख्त नीति पर काम शुरू कर चुकी है. इस नई नीति के दायरे में कोचिंग संस्थानों की मनमानी फीस से लेकर छात्रों की सुरक्षा और बिल्डिंग का इंफ्रास्ट्रक्चर तक सब कुछ होगा.

गुरुवार को दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इस नीति के ड्राफ्ट को लेकर रूपरेखा तैयार की गई. सरकार ने इस पूरी पॉलिसी का मसौदा तैयार करने के लिए उच्च शिक्षा निदेशक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है.

यह भी पढ़ें : खान सर या रौशन आनंद, कमाई के मामले में कौन हैं आगे? जानें दोनों की नेटवर्थ

विज्ञापन

एस्पिरेंट्स पर सीधा असर

दिल्ली का कोचिंग हब (जैसे मुखर्जी नगर, ओल्ड राजेंद्र नगर, कालू सराय) देश भर के लाखों छात्रों का ठिकाना है, जो यहां UPSC, इंजीनियरिंग (JEE), मेडिकल (NEET) जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं. अगर यह नीति लागू होती है, तो यह दिल्ली की कोचिंग इंडस्ट्री के इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव साबित होगी.

क्या-क्या बदलेगा?

फीस में पारदर्शिता – कोचिंग सेंटरों की मनमानी फीस वसूलने पर रोक लगेगी और रेगुलेशन तय होगा.
सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर – कोचिंग सेंटरों की इमारतों के लिए कड़े सुरक्षा मानक तय होंगे.
फायर सेफ्टी – आग और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम जरूरी होंगे.
मेंटल हेल्थ सपोर्ट – पढ़ाई के तनाव से जूझ रहे छात्रों के लिए काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता अनिवार्य होगी.
शिकायत निवारण – छात्रों और कोचिंग स्टाफ की समस्याओं को सुनने के लिए एक मजबूत शिकायत तंत्र बनेगा.
नियमित जांच – कोचिंग सेंटरों की समय-समय पर औचक जांच और मॉनिटरिंग की जाएगी.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें : 15 की उम्र में छोड़ा घर, कोचिंग के बदले लेते थे खाना… जानिए- कौन हैं रौशन सर, जिनका खान सर से हुआ विवाद

अब क्यों जागी सरकार?

दरअसल, यह कदम करीब दो साल पहले ओल्ड राजेंद्र नगर के एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने के कारण तीन UPSC उम्मीदवारों की दर्दनाक मौत के बाद उठाया गया है. उस हादसे ने कोचिंग हबों में सुरक्षा के खोखले दावों, इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों और प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोलकर रख दी थी.

विज्ञापन

हादसे के बाद छात्रों के भारी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने रिटायर्ड जज आरके गॉबा की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई थी. इस कमेटी ने कोचिंग संस्थानों की नियामक कमियों को उजागर करते हुए एक सख्त निगरानी तंत्र बनाने की सिफारिश की थी, जिसे अब इस नई नीति में शामिल किया जा रहा है.

यह भी पढ़ें : Who is Khan Sir: कौन हैं करोड़ों छात्रों के चहेते ‘खान सर’? जानें शिक्षा में क्रांति लाने वाले फैजल खान की पूरी कहानी

विज्ञापन

सिंगल विंडो सिस्टम की तैयारी

मौजूदा व्यवस्था में कोचिंग सेंटरों के अलग-अलग नियमों की देखरेख कई अलग-अलग एजेंसियां (जैसे MCD, फायर विभाग, पुलिस) करती हैं, जिससे तालमेल की कमी रहती है. सरकार का उद्देश्य एक ऐसा ‘यूनिफॉर्म स्टैंडर्ड’ बनाना है जिससे सभी कोचिंग संस्थान एक ही कड़े नियम के तहत जवाबदेह बनें.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola