Delhi BMW Case patiala house court proceding Updates: दिल्ली के धौलाकुआं में चर्चित बीएमडब्लू एक्सीडेंट केस में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई चल रही है. दो दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी खत्म होने के बाद गगनप्रीत को आज फिर पेश किया गया, जहां कोर्ट ने न्यायिक हिरासत की अवधि 27 सितंबर तक आगे बढ़ा दी। गगनप्रीत की जमानत याचिका पर अगली सुनवाई शनिवार 20 सितंबर को होगी। आरोपी गगनप्रीत कौर के वकील निखिल कोहली तर्क देकर अपने मुवक्किल के लिए जमानत मांगी है. साथ ही दिल्ली पुलिस पर सवाल भी उठाए हैं. वकील ने पूछा कि जब गगनप्रीत को न्यायिक हिरासत में भेजा गया तो दिल्ली पुलिस से पूछना चाहिए था कि 304 (A) क्यों नहीं बनता?
एक्सीडेंट के मामले को पुलिस ने IPC 304 (BNS 105) मे बदल दिया. जानबूझकर पुलिस ने सिर्फ 304 लगाई, जिसकी सजा उम्र कैद है. गगनदीप के मुताबिक, जब मुझे गिरफ्तार किया तो 10 घंटे बाद FIR की, मेरे दोनों बच्चे भी गाड़ी में थे, एक एंबुलेंस भी वहां पर से निकली. लेकिन वो देखने के बाद भी नहीं रुकी. उसे कोई गिल्टी नहीं.
गगनप्रीत के वकील की दलीलें
गगनप्रीत के वकील ने दलील दी कि पुलिस का कहना है कि गगनदीप गाड़ी को 20 KM दूर क्यों ले गई, इसलिए 304 लगाई गई. हादसे के वक्त बीएमडब्लू कार में चालक गगनप्रीत, ड्राइवर गुलफाम के अलावा पति परीक्षित कक्कड़, 4 साल का बेटा और नौकरानी सवार थी. हादसे के बाद जब गगनप्रीत नवजोत और उनकी पत्नी को लेकर हॉस्पिटल लेकर गईं तो बच्चे और पति को कहीं और भेज दिया. हमें पीड़ित के प्रति पूरी सहानुभूति है. हादसे के समय नवजोत बस से टकराया, उस बस को भी पकड़ना चाहिए. एक एम्बुलेंस वाले ने ले जाने से मना किया उस पर भी कारवाई होनी चाहिए
दिल्ली पुलिस के तर्क सुनिए
पटियाला हाउस कोर्ट ने गगनप्रीत कौर की याचिका पर नोटिस जारी किया. गगनप्रीत के एडवोकेट की तरफ से एक्सीडेंट का सीसीटीवी संरक्षित रखने की मांग की गई. दिल्ली पुलिस ने भी कोर्ट को घटना की जानकारी दी. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, गगनप्रीत इतनी घायल नहीं थी जितना बताया जा रहा है. इन्होंने दूर अस्पताल में भर्ती करवाया, वहां जाने में भी काफी समय लगा. पुलिस के मुताबिक, जिस टैक्सी से ले जाया गया उसके ड्राइवर का बयान है जिसमे कहा कि जब बार-बार कहा जा रहा था कि नजदीक के हॉस्पिटल ले चलो लेकिन गगनप्रीत ने उनकी नहीं सुना.
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नवजोत के परिवार के वकील के तर्क
पीड़ित नवजोत के परिवार के वकील ने कहा कि नियम है कि घायल को नजदीक के हॉस्पिटल ले जाया जाए. उसको तो कॉरिडोर में स्ट्रेचर पर रख दिया गया और जो लेडी अपने बच्चों को गाड़ी से निकाल रही है, ठीक दिख रही है उसे आईसीयू मे भर्ती कर दिया गया. सामने ही बेस हॉस्पिटल था वहां नहीं ले जाया गया आखिर क्यों? गाडी की स्पीड़ बहुत ज्यादा थी कि बीएमडब्ल्यू गाड़ी पलट गई कि एयर बैग तक खुल गए. गगनप्रीत की जमानत याचिका पर अगली सुनवाई शनिवार 20 सितंबर को होगी।
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