Delhi Assembly Elections: दिल्ली में 5 फरवरी को वोटिंग होगी, वहीं, 8 फरवरी को नतीजों का ऐलान किया जाएगा। पिछले विधानसभा चुनाव की बात करें तो 17 सीटें ऐसी थीं, जिन पर कांटे का मुकाबला हुआ था। इनमें 4 पर बीजेपी तो 13 सीटों पर आप को जीत मिली थी। इन सीटों पर जीत का अंतर बेहद मामूली रहा था। गौरतलब है कि पिछले चुनाव में आप को 62 सीटों पर जीत मिली थी। भाजपा इस बार इन सीटों पर काफी फोकस कर रही है। भाजपा को उम्मीद है कि सत्ता विरोधी लहर का फायदा उसे मिलेगा। कई सीटों पर जीत का अंतर 10000 वोटों से कम था। दिल्ली में आम आदमी पार्टी पिछले एक दशक से सत्ता में है। इसलिए सत्तारूढ़ पार्टी उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिन्हें 2020 में पार्टी की लहर के दौरान भी मैनेज करना मुश्किल था।
2020 में भारतीय जनता पार्टी ने 8 सीटों पर जीत हासिल की थी। बीजेपी को करावल नगर से 8223, गांधी नगर से 6079, विश्वास नगर से 3207 और बदरपुर से 3719 वोटों से जीत मिली थी। इस बार पार्टी ने चार में से तीन निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार बदल दिए हैं।
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी के एक नेता ने बताया कि हमारे उम्मीदवार बहुत कम अंतर से हारे थे। इस बार पार्टी ने मजबूत उम्मीदवारों पर दांव खेला है। कई कैंडिडेट्स के टिकट बदले गए हैं।
करावल नगर के विधायक मोहन सिंह बिष्ट को मुस्तफाबाद से चुनाव लड़वाया गया है। पूर्व आप नेता कपिल मिश्रा को भाजपा ने करावल नगर से मैदान में उतारा है। गांधी नगर में वर्तमान विधायक अनिल कुमार बाजपेयी के बजाय अरविंदर सिंह लवली को मैदान में उतारा गया है। लवली कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए हैं। लवली ने 2020 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था और वह उन तीन कांग्रेस उम्मीदवारों में से एक थे, जिनकी जमानत जब्त नहीं हुई थी। बदरपुर के विधायक रामवीर सिंह बिधूड़ी ने पिछले साल लोकसभा चुनाव जीता था और उनकी जगह नारायण दत्त शर्मा को मैदान में उतारा गया है। आप ने पिछली बार मामूली अंतर से जीतने वाले 13 विधायकों में से 9 को टिकट नहीं दिया है।
किराड़ी में आप ने अनिल झा को उतारा
पार्टी के एक सूत्र ने बताया कि पिछली बार ये उम्मीदवार काफी कम अंतर से जीते थे, तब दिल्ली में आप की लहर थी। इसी वजह से इस बार इनके ऊपर दांव नहीं खेला गया। किराड़ी में 5654 वोटों से जीतने वाले विधायक ऋतुराज गोविंद की जगह भाजपा के 2020 के उम्मीदवार अनिल झा को उतारा गया है, जो इस समय आप में हैं। इसी तरह छतरपुर सीट पर जहां आप ने 3720 वोटों से जीत दर्ज की थी, वहां भी दूसरे उम्मीदवार को टिकट दिया गया है। शाहदरा में जीत का अंतर 5294 वोटों का था, इस बार दोनों पार्टियों ने अलग-अलग उम्मीदवारों को टिकट दिया है।