दिवाली से पहले दिल्ली की हवा हुई 'जहरीली'! AQI में भारी उछाल; प्रदूषण रोकने के लिए सख्त पाबंदियां लागू
केंद्र के एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम (AQEWS) के मुताबिक, सोमवार और मंगलवार को दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में रह सकती है. वहीं, बुधवार तक इसके बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका है.
दिल्ली में अगले छह दिनों के दौरान भी वायु गुणवत्ता खराब से बेहद खराब श्रेणी के बीच रहने का अनुमान है. (Photo: AI)
दिल्ली में दिवाली से करीब एक हफ्ते पहले ही वायु प्रदूषण ने चिंता बढ़ा दी है. पिछले सप्ताह हुई बारिश और तेज हवाओं से राजधानी के लोगों को प्रदूषण से मिली राहत अब खत्म हो गई है. रविवार सुबह से ही दिल्ली के आसमान में धुंध की मोटी परत दिखाई दी और हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच गई. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को दिल्ली के अक्षरधाम के आस-पास औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 349 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है. वहीं, इंडिया गेट और जनपथ के इलाके में एक्यूआई 335 दर्ज किया गया. मौसम और प्रदूषण से जुड़े पूर्वानुमानों के अनुसार, आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं. इस बीच दिल्ली में शीतकालीन प्रदूषण नियंत्रण योजना के तहत सख्त पाबंदियां भी लागू कर दी गई हैं.
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#WATCH | Delhi: The Air Quality Index (AQI) in the area around India Gate and Janpath is at 335, categorised as 'Very Poor', as per the CPCB (Central Pollution Control Board).
CPCB के रविवार शाम 4 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 261 रहा. इससे एक दिन पहले शनिवार को यह 117 था, जो मध्यम श्रेणी में आता है. चिंता की बात ये है कि महज 24 घंटे के भीतर प्रदूषण स्तर में 144 अंकों की बढ़ोतरी हुई. शाम के समय स्थिति और खराब होती गई. रात 6 बजे AQI 272, रात 10 बजे 287 और 11 बजे तक 290 पहुंच गया. यह 17 अप्रैल के बाद राजधानी की सबसे खराब वायु गुणवत्ता है. उस दिन AQI 263 दर्ज किया गया था. इससे पहले शुक्रवार को बारिश और तेज हवाओं के कारण दिल्ली का AQI सुधरकर 60 तक पहुंच गया था.
#WATCH | Delhi: The Air Quality Index (AQI) in the area around Akshardham Temple is 349, categorised as 'Very Poor', as per the CPCB (Central Pollution Control Board).
दिल्ली में रविवार से विंटर पॉल्यूशन कंट्रोल प्लान लागू हो गई है. इसके तहत BS-VI मानक से नीचे के बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है. धूल फैलाने वाली तोड़फोड़ और खुले में निर्माण गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. इसके अलावा सरकारी और प्राइवेट ऑफिसों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम और बाकी कर्मचारियों को कार्यालय से काम करने की व्यवस्था अनिवार्य कर दिया गया है.
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बुधवार तक बेहद खराब हो सकती है हवा
केंद्र के एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम (AQEWS) के मुताबिक, मंगलवार को दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में रह सकती है. वहीं, बुधवार तक इसके बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका है. अगले छह दिनों के दौरान भी वायु गुणवत्ता खराब से बेहद खराब श्रेणी के बीच रहने का अनुमान है. दिल्ली के 59 निगरानी केंद्रों में से 57 के आंकड़ों के विश्लेषण में 22 केंद्रों पर हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई. जहांगीरपुरी में सबसे ज्यादा 378 AQI रिकॉर्ड हुआ. इसके बाद रोहिणी में 352, पंजाबी बाग में 351, मुंडका में 337 और आरके पुरम में 335 दर्ज किया गया.
दिल्ली प्रशासन ने ‘शीतकालीन कार्य योजना’ के पहले दिन 68.4 लाख रुपये का जुर्माना और पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क लगाया. इस दौरान लगभग 15,000 वाहनों की जांच की गई, सीमावर्ती इलाकों से 1,539 वाहनों को वापस लौटा दिया गया और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसीसी) के नियमों का उल्लंघन करने पर 566 वाहनों का चालान काटा गया. रविवार शाम पांच बजे तक उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल राशि में पीयूसीसी के उल्लंघन के लिए 56.6 लाख रुपये का जुर्माना, सीमा में प्रवेश से जुड़े प्रतिबंधों के उल्लंघन के लिए दो लाख रुपये का जुर्माना और निर्माण एवं तोड़फोड़ से संबंधित उल्लंघनों के लिए 9.8 लाख रुपये का पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क शामिल है.