स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा स्वास्थ्य मंत्री की स्वीकृति के साथ जारी आदेश में डॉ. एके बिसोई को CTVS विभाग के प्रमुख के रूप में कार्य जारी रखने की अनुमति दी गई है. हालांकि, इस आदेश के बावजूद AIIMS, नई दिल्ली में इसके पालन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. बताया जा रहा है कि संस्थान के निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास की ओर से अब तक इस निर्णय को पूरी तरह लागू नहीं किया गया है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.

डॉ. एके बिसोई के खिलाफ की गई शिकायतों की जांच AIIMS प्रशासन द्वारा कई स्तरों पर पूरी की जा चुकी है. 9 अक्टूबर को प्रारंभिक जांच समाप्त हुई, इसके बाद 24 अक्टूबर को आंतरिक शिकायत समिति (ICC) ने मामले की समीक्षा की. वहीं, 25 नवंबर को SC/ST शिकायत निवारण समिति ने अपनी जांच पूरी कर 3 दिसंबर तक रिपोर्ट सौंप दी. इन सभी जांचों में उनके खिलाफ लगाए गए आरोप साबित नहीं हो पाए.

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इसके अलावा, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने 19 जनवरी को जारी अपनी रिपोर्ट में भी स्पष्ट किया कि इस मामले में SC/ST से संबंधित कोई मुद्दा सामने नहीं आया. फिर भी, इन सभी जांच रिपोर्टों को अब तक स्वास्थ्य मंत्रालय को नहीं भेजा जाना चिंता का विषय बना हुआ है. एक प्रमुख संस्थान के शीर्ष पद पर बैठे अधिकारी द्वारा इस तरह की देरी संस्थागत पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है.

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इस पूरे घटनाक्रम का असर संस्थान के कामकाज पर भी दिखाई दे रहा है. CTVS विभाग में सर्जरी की संख्या में करीब 30 से 40 प्रतिशत की कमी आई है, वहीं कई वरिष्ठ डॉक्टरों के इस्तीफे से शैक्षणिक और चिकित्सकीय माहौल प्रभावित हुआ है. ऐसे में अपेक्षा की जा रही है कि मंत्रालय के आदेश के अनुसार जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए और सभी संबंधित रिपोर्टें मंत्रालय को भेजी जाएं, ताकि संस्थान में सामान्य स्थिति बहाल हो सके.

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