मुख्य बातें

  • DDA ने दोनों स्कीम के लिए आवेदन की समय-सीमा 30 जून, 2026 तक बढ़ा दी है.
  • नागरिक आवास योजना के तहत नरेला और सिरसपुर में कुछ चुनिंदा यूनिट पर छूट के साथ फ्लैट मिल रहे हैं.
  • HIG, MIG, LIG ​​और EWS कैटेगरी के लिए फ्लैट अवेलेबल हैं.
  • 'टावरिंग हाइट्स कड़कड़डूमा' में पूर्वी दिल्ली में 741 टू-बीएचके अपार्टमेंट शामिल हैं.
  • अलॉटमेंट 'पहले आओ-पहले पाओ' सिस्टम के जरिए किया जा रहा है.

DDA Housing Schemes 2026: दिल्ली में प्रॉपर्टी की कीमतें कई परिवारों की पहुंच से बाहर होने के कारण, दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) ने 2026 की अपनी हाउसिंग स्कीम के जरिए घर खरीदने के ख्वाहिशमंद लोगों के लिए नए मौके खोले हैं. इस पहल का मकसद अलग-अलग इनकम कैटेगरी के लोगों को घर अवेलेबल कराना है, ताकि राष्ट्रीय राजधानी में मकान का मालिक बनना आसान हो सके.

इन इलाकों में मिलेंगे फ्लैट्स

DDA नागरिक आवास योजना 2026 के तहत, नरेला और सिरसपुर में रियायती दरों पर फ्लैट दिए जा रहे हैं. इस स्कीम में HIG, MIG, LIG ​​और EWS कैटेगरी के तहत हजारों यूनिट शामिल हैं. इच्छुक आवेदक चुनी गई कैटेगरी के हिसाब से तय बुकिंग राशि जमा करके DDA आवास पोर्टल के जरिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. इसमें 2,500 रुपये का एक बार का रजिस्ट्रेशन चार्ज भी लगेगा. अथॉरिटी ने बुकिंग की डेडलाइन 30 जून तक बढ़ा दी है, जिससे खरीदारों को आवेदन करने के लिए एक्सट्रा टाइम मिल गया है.

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पहले आओ-पहले पाओ

DDA 'टावरिंग हाइट्स कड़कड़डूमा हाउसिंग स्कीम 2026' के तहत भी फ्लैट दे रहा है. इस प्रोजेक्ट में 741 टू-बेडरूम अपार्टमेंट शामिल हैं जो 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर अवेलेबल हैं. इसके अलावा, बल्क परचेज कैटेगरी के तहत योग्य सरकारी संस्थानों के लिए अलग से कोटा रखा गया है.

बुकिंग राशि कितनी?

कड़कड़डूमा स्कीम के तहत आवेदकों को 4 लाख रुपये की बुकिंग राशि जमा करनी होगी. खरीदारों को प्रॉपर्टी की कीमत का 75 फीसदी हिस्सा शुरू में देना होगा, जबकि बाकी रकम कब्जा मिलने के समय देनी होगी. पूर्वी दिल्ली में स्थित इस प्रोजेक्ट को बेहतरीन मेट्रो कनेक्टिविटी और मॉडर्न अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा मिलता है.

नियम और शर्तें ध्यान से पढ़ें

DDA अधिकारियों ने इच्छुक खरीदारों को सलाह दी है कि वो अपनी बुकिंग कंफर्म करने से पहले एलिजिबिलिटी की शर्तों, पेमेंट शेड्यूल, प्रोजेक्ट की लोकेशन और उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान से देख लें. दोनों स्कीम 'पहले आओ-पहले पाओ' की पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए लागू की जा रही हैं, जिससे योग्य आवेदकों को दिल्ली में घर पाने का मौका मिल रहा है.