कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आज दिल्ली में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन है। इसके लिए पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपने समर्थकों से विशेष अपील की है। उन्होंने समर्थकों के लिए आज जंतर-मंतर पर ‘क्या करें और क्या नहीं करें’ की सूची जारी है। उन्होंने अपनी नई पोस्ट में समर्थकों से कहा कि 6 जून को सुबह 9 बजे दिल्ली में मिलते हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेकर रहेंगे। आइए शांतिपूर्ण, अहिंसापूर्ण विरोध के साथ छोटे-से मजाक को बड़ी क्रांति में बदलते हैं।
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दिल्ली में जंतर-मंतर पर 6 जून को विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। शुरुआत में उन्होंने समर्थकों को पहले दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने का कहा था। लेकिन बीते दिन इस ऐलान से यू-टर्न लेकर उन्होंने समर्थकों को जंतर-मंतर पर पहुंचने को कहा और शांति के साथ अहिंसा का माहौल भी बनाए रखने की अपील की।
अभिजीत दीपके ने बीती रात अपनी ताजा पोस्ट में समर्थकों से कहा कि 6 जून को जंतर-मंतर पर क्या करना है और क्या नहीं करना है, जान लीजिए क्योंकि पूरे देश और दुनिया की नजर हम पर है…
समर्थकों को क्या करना है…
1. 6 जून की सुबह 9 बजे दिल्ली में जंतर मंतर के पास शांतिपूर्ण तरीके से संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पर पहुंचें।
2. देश का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और एक किताब जरूर साथ लाएं, क्योंकि हम शिक्षा के अधिकार और समान अवसर की बात कर रहे हैं।
3. विरोध प्रदर्शन की जिम्मेदारी से और शांतिपूर्ण तरीके से डॉक्यूमेंटेशन करनी है।
4. अगर कोई प्रदर्शनकारी गड़बड़ करने वाला हो या मिसक्रिएंट व्यवहार करता दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
5. विरोध प्रदर्शन के लिए मौसम के अनुसार तैयार करके आएं। खूब पानी पिएं, अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान खुद रखें।
6. धूप से बचने और सूर्यदेव को सहयोग करने के लिए सनस्क्रीन लगाकर आएं और कैप पहनकर आएं।
समर्थकों को क्या नहीं करना है…
1. जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के लिए संभव हो तो अकेले न आएं। परिवार या दोस्तों को साथ लेकर आएं, ताकि ज्यादा लोग जुटें और आंदोलन मजबूत हो।
2. प्रदर्शनस्थल पर फूल न फेंके, बल्कि फूल पुलिसकर्मियों को देकर उनका सम्मान करें। फूल लेकर आएं और पुलिस को सौंप दें। उनका शुक्रिया अदा करें कि वे प्रदर्शन करने दे रहे हैं।
3. ट्रोल करने वालों या उकसाने वालों से सावधान रहें और उनके साथ कोई बहस या किसी प्रकार का संवाद न करें, क्योंकि वे प्रोफेशनल होते हैं, सिर्फ अपना मतलब साधना उनका मकसद होता है।
4. विरोध प्रदर्शन करने के लिए भूखे पेट न आएं। किसी भी क्रांति के लिए शरीर का साथ देना जरूरी हो, जिसके लिए खाना-पीना जरूरी है, इसलिए खाना खाकर आएं।
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