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CJP प्रोटेस्ट में पैलेट गन के इस्तेमाल की थी मंजूरी, CRPF की चौंकाने वाली रिपोर्ट में दावा; क्या सभी SOP का हुआ पालन?

भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने पहले सार्वजनिक चेतावनी दी, इसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़े गए और फिर लाठीचार्ज किया गया. जब इन सभी उपायों के बावजूद हालात नियंत्रण में नहीं आए, तब अधिकारियों की अनुमति से पंप एक्शन गन का इस्तेमाल किया गया.

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NEET पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर मंतर हुए प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़क हुई. इस दौरान कथित तौर पर सुरक्षाबलों ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया, जिससे 3 प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हुए. हालांकि दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल का खंडन किया, लेकिन अब केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की एक रिपोर्ट में किए गए दावों ने सभी को हैरान कर दिया है. रिपोर्ट में कहा गया कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को पैलट गन के इस्तेमाल की मंजूरी थी.

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क्यों किया गया पैलेट गन का इस्तेमाल?


रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि प्रदर्शन को कंट्रोल करने के लिए पूरी तरह निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और नियमों का पालन किया गया. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पंप एक्शन गन (पैलेट गन) का इस्तेमाल पहले से ही आखिरी विकल्प के तौर पर रखा गया था. 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने पहले सार्वजनिक चेतावनी दी, इसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़े गए और फिर लाठीचार्ज किया गया. जब इन सभी उपायों के बावजूद हालात नियंत्रण में नहीं आए, तब अधिकारियों की अनुमति से पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया.

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पैलेट गन से 3 प्रदर्शनकारी हुए घायल


पैलेट गन की वजह से करीब तीन से पांच प्रदर्शनकारी घायल हुए. वहीं, हिंसक झड़पों में आरएएफ के 47 जवान भी घायल हुए, जिनमें छह कर्मियों के सिर पर गंभीर चोटें आईं. सीआरपीएफ के महानिदेशक जीपी सिंह ने इस पूरे मामले पर बयानबाजी से बचते हुए कहा कि मामला फिलहाल सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है. उन्होंने स्पष्ट किया कि आरएएफ की कार्रवाई से जुड़ा बल का आधिकारिक पक्ष सीधे अदालत के समक्ष रखा जाएगा. वहीं, सीआरपीएफ सूत्रों का कहना है कि 20 जुलाई की कार्रवाई दिल्ली पुलिस के लिखित आदेश के आधार पर की गई थी और इसमें किसी भी स्तर पर मौखिक निर्देशों का सहारा नहीं लिया गया.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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