दिल्ली में पिछले चार महीने से बंद पड़ा ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन 15 मई से दोबारा शुरू होने जा रहा है. परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने तालकटोरा स्टेडियम में हुई एक बड़ी बैठक के दौरान इस फैसले का एलान किया है. सरकार का कहना है कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में सुधार करने के लिए इस पर कुछ समय के लिए रोक लगाई गई थी ताकि नई व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके. इस फैसले से दिल्ली के हजारों ई-रिक्शा चालकों और डीलरों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है क्योंकि उनका कामकाज लंबे समय से अटका हुआ था.
क्या है दिल्ली सरकार की नई ई-रिक्शा नीति?
दिल्ली सरकार अब राजधानी के लिए एक नई और व्यापक ई-रिक्शा नीति लाने की तैयारी कर रही है जिससे सड़कों पर बढ़ते जाम और अव्यवस्था को कम किया जा सके. इस नीति को बनाने के लिए परिवहन विभाग और ई-रिक्शा चालक संगठन मिलकर काम करेंगे ताकि सभी के हितों का ध्यान रखा जा सके. सरकार का मुख्य उद्देश्य ई-रिक्शों के संचालन को व्यवस्थित करना है ताकि सड़कों पर चलने वाले यात्रियों को परेशानी न हो और यातायात भी सुचारू रूप से चलता रहे. नीति निर्माण से पहले सभी पक्षों से सलाह ली जाएगी ताकि किसी का रोजगार प्रभावित न हो.
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किराए और सुविधाओं को लेकर क्या है बड़ा प्रस्ताव?
ई-रिक्शा चालकों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए सरकार अब बैंक लोन और सब्सिडी देने पर भी गंभीरता से विचार कर रही है. बैठक में ई-रिक्शा का न्यूनतम किराया 10 से 20 रुपये के बीच रखने का एक अहम प्रस्ताव भी दिया गया है जिससे यात्रियों और चालकों दोनों को फायदा होगा. इसके साथ ही शहर में चार्जिंग स्टेशन और पार्किंग स्थलों की संख्या बढ़ाने पर भी सहमति बनी है ताकि चालकों को अपनी गाड़ियां खड़ी करने या चार्ज करने में परेशानी न आए. इन सुविधाओं के बढ़ने से दिल्ली के परिवहन तंत्र में ई-रिक्शा की भूमिका और भी अहम हो जाएगी.
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चालकों के लिए क्या बदलेंगे नियम और ड्रेस कोड?
नई नीति के तहत अब ई-रिक्शा चालकों के लिए खास यूनिफॉर्म यानी वर्दी पहनना अनिवार्य किया जा सकता है ताकि उनकी अलग पहचान हो सके. फेडरेशन की ओर से यह वर्दी चालकों को आधी कीमत पर उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है जिससे उन पर आर्थिक बोझ न पड़े. चांदनी चौक के सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने भी भरोसा दिलाया है कि नई नीति ऐसी होगी जो रोजगार को बढ़ावा देगी और चालकों की समस्याओं को हल करेगी. सरकार का मानना है कि इन नए नियमों से न केवल दिल्ली की सड़कों पर सुधार दिखेगा बल्कि चालकों का जीवनस्तर भी पहले से बेहतर होगा.
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