देश की राष्ट्रीय राजधानी में अब ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले लोग बच नहीं पाएंगे। दिल्ली की सड़कों पर अब सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस 360 डिग्री घूमने वाले 4D रडार इंटरसेप्टर सेट किए जाएंगे। जो लोग ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करके सीसीटीवी से बच निकलते हैं, वैसे लोगों को अब ये हाईटेक सिस्टम पकड़ेगा। आइए जानते हैं कि क्या एआई पावर्ड 360 डिग्री 4 डी रडार इंटरसेप्टर? कैसे करेगा काम?
जानें कैसे काम रहेगा AIm 4D रडार इंटरसेप्टर?
360 डिग्री घूमने वाले एआई से पावर्ड 4D रडार इंटरसेप्टर एक हाईटेक सिस्टम है, जिसका काम ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले लोगों पर नकेल कसना है। यह हाईटेक सिस्टम ओवरस्पीडिंग, बिना सीटबेल्ट के फोर व्हीकल ड्राइव करने, व्हीकल ड्राइव करते समय मोबाइल का इस्तेमाल करने, बिना हेलमेट के टू व्हीकल ड्राइव करने, टू व्हीकल पर 3 लोगों को बैठाने, फैंसी या डिजाइनर नंबर प्लेट स्कैन करने जैसे ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले लोगों को पकड़ेगा।
जानें कहां तैनान होगा AI, 4D रडार इंटरसेप्टर?
न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस की वैन की छत पर यह हाईटेक सिस्टम तैनात किया जाएगा। एआई से लैस 360 डिग्री घूमने वाले 4D रडार इंटरसेप्टर में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरा होगा, जो पूरी यातायात व्यवस्था पर पैनी नजर रखेगा और व्हीकल की नंबर प्लेट को दूर से ही स्कैन कर लेगा।
इस सिस्टम से ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को मिलेगी बड़ी राहत
एआई से लैस 360 डिग्री घूमने वाले 4D रडार इंटरसेप्टर के आने के बाद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी। अब पुलिसकर्मियों को बार-बार सड़क के बीच में आकर कार्रवाई नहीं करनी पड़ेगी और उन्हें खतरा नहीं उठाना पड़ेगा। इस हाईटेक सिस्टम से कोई नहीं बच पाएगा और ट्रैफिक नियमों को सख्ती से पालन होगा। साथ ही सड़क हादसों में भी गिरावट आएगी।
आसानी से व्हीकल को ट्रैक कर लेगा यह सिस्टम
रडार, सेंसर, कैमरे और नियम आधारित सॉफ्टवेयर एल्गोरिदम से लैस इंटरसेप्टर अपने क्षेत्र से गुजरने वाले व्हीकल को आसानी से ट्रैक कर सकता है। साथ ही यह हाईटेक सिस्टम समय पर ही ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले व्हीकल की पहचान कर लेगा और उसके खिलाफ ऑटोमेटिक ई-चालान जारी करेगा। नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) से यह हाईटेक सिस्टम कनेक्ट होगा। इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
एआई पावर्ड 4डी रडार इंटरसेप्टर का हो चुका है पहला परीक्षण
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती चरण में एआई संचालित 4डी रडार इंटरसेप्टर सिस्टम है, जिसका पिछले हफ्ते पहला टेस्ट किया गया था। टेस्टिंग के दौरान इस सिस्टम ने ट्रैफिक नियम तोड़ने पर कुल 120 वाहनों की पहचान की थी और उनके खिलाफ ई-चालान जारी किए थे। दावा किया जा रहा है कि ट्रैफिक पुलिस के जोखिम कम होंगे और संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग तय होगा।
ट्रैफिक नियम तोड़कर इंटरसेप्टर से नहीं बच पाएंगे व्हीकल
एक अफसर ने पीटीआई को बताया कि यह सिस्टम बिना किसी इंसानी हस्तक्षेप के स्वचालित ई-चालान जारी करेगा। एआई संचालित 4डी रडार इंटरसेप्टर से अब कोई भी व्हीकल बचकर नहीं निकल पाएगा। यह सिस्टम रेडियो फ्रीक्वेंसी तकनीक का इस्तेमाल करके स्पीड को आसानी से पकड़ लेगा कि व्हीकल की गति से ट्रैफिक नियम का उल्लंघन हो रहा या नहीं।
अब पुलिसकर्मियों को कड़ी धूप में व्हीकल के पीछे नहीं भागना पड़ेगा
आपको बता दें कि दिल्ली में अभी जगह-जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और कड़ी धूप में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को व्हीकल को पकड़ने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे में कई बार पुलिसकर्मियों और वाहन चालकों में विवाद हो जाता है या फिर पुलिसकर्मियों द्वारा रोकने पर व्हीकल वाले अपनी गाड़ी की स्पीड बढ़ाकर भाग लेते हैं। हालांकि, अब पुलिसकर्मी अपने मोबाइल से ही व्हीकल की नंबर प्लेट की फोटो खींचकर चालान भेज देते हैं, लेकिन एआई संचालित 4डी रडार इंटरसेप्टर सिस्टम आने के बाद पुलिसकर्मियों को व्हीकल के पीछे नहीं भागना पड़ेगा।