Raipur-Visakhapatnam Expressway: भारत में आधुनिक सड़क नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है और इसी दिशा में रायपुर-विशाखापट्टनम ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. यह महत्वाकांक्षी परियोजना छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को आंध्र प्रदेश के प्रमुख समुद्री शहर विशाखापट्टनम से सीधे जोड़ेगी. इस परियोजना की खास बात यह है कि यह एक्सप्रेसवे सिर्फ यात्रा को आसान नहीं बनाएगा, बल्कि रास्ते में यात्रियों को घने जंगलों, ऊंचे पहाड़ों, हरियाली और समुद्री क्षेत्र के शानदार दृश्य भी देखने को मिलेंगे. बेहतर सड़क सुविधा और तेज रफ्तार सफर के कारण यह मार्ग आने वाले समय में देश के सबसे महत्वपूर्ण परिवहन मार्गों में शामिल हो सकता है.
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13 घंटे का सफर सिमटकर रह जाएगा सिर्फ 4 से 5 घंटे
करीब 464 किलोमीटर लंबे इस 6 लेन एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा यात्रा समय में होने वाली भारी कमी है. वर्तमान में रायपुर से विशाखापट्टनम पहुंचने में सड़क मार्ग से लगभग 12 से 13 घंटे का समय लग जाता है. लेकिन इस नए एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यही दूरी महज 4 से 5 घंटे में तय की जा सकेगी. इससे यात्रियों का समय बचेगा, ईंधन की खपत कम होगी और लंबी दूरी की यात्रा अधिक आरामदायक बनेगी. रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई दिशा देने वाली है.
तीन राज्यों को जोड़ेगा आधुनिक हाई-स्पीड कॉरिडोर
रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे को विजाग इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में भी देखा जा रहा है. यह मार्ग छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों और शहरों को जोड़ने का काम करेगा. एक्सप्रेसवे रायपुर के निकट अभनपुर क्षेत्र से शुरू होकर विशाखापट्टनम के पास सब्बावरम तक पहुंचेगा. रास्ते में यह धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, नबरंगपुर, कोरापुट और विजयनगरम जैसे क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क देने में मदद करेगा. इससे उद्योग, कृषि, व्यापार और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को बड़ा लाभ मिलने की संभावना है.
व्यापार, पर्यटन और निवेश को मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना सिर्फ सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम बनेगी. बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से माल परिवहन तेज होगा, बंदरगाह तक पहुंच आसान बनेगी और उद्योगों को नए अवसर मिलेंगे. साथ ही पर्यटन क्षेत्र को भी बड़ा फायदा होगा क्योंकि देशभर के पर्यटक जंगलों, पहाड़ी इलाकों और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर इस मार्ग का अनुभव कर सकेंगे. इससे स्थानीय रोजगार और निवेश के अवसरों में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.
वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ तैयार हो रहा है एक्सप्रेसवे
इस परियोजना में पर्यावरण संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी गई है. जिन वन क्षेत्रों से यह एक्सप्रेसवे गुजर रहा है, वहां वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कई विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं. जानकारी के अनुसार, जानवरों के लिए 27 अंडरपास बनाए जा रहे हैं ताकि वे सुरक्षित रूप से सड़क पार कर सकें. इसके अलावा बंदरों की आवाजाही के लिए 17 विशेष कैनोपी क्रॉसिंग भी तैयार की जा रही हैं.
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