Chhattisgarh Assembly Election 2023: केंद्रीय निर्वाचन आयोग द्वारा आचार संहिता लागू करने के बाद से छत्तीसगढ़ में 9 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक कैश, जेवर समेत 38 करोड़ के सामान जब्त कर लिए गए हैं। वहीं, इनमें से अभी तक एक भी व्यक्ति जब्त चीजों को छुड़वा नहीं पाया है। दरअसल, आचार संहिता के अनुसार 50 हजार से ज्यादा कैश रखने का नियम केवल उनके लिए है, जो चुनाव लड़ रहे हैं या चुनावी काम कर रहे हैं। आम लोगों पर यह नियम लागू नहीं होता है। इसमें चौंकाने वाली बात यह है कि जिन पर कार्रवाई हुई है, उनमें एक भी व्यक्ति न तो चुनाव लड़ रहा है और न ही किसी राजनैतिक पार्टी का कार्यकर्ता या सदस्य है।
आम लोगों पर हो रही कार्रवाई
बता दें कि प्रदेश में चुनावी आचार संहिता लागू होने के बाद से पुलिस और प्रशासन द्वारा शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए हर जिले में बैरियर लगाकर लगातार चेकिंग की जा रही है और इसी जांच के दौरान लोगों की गाड़ियों से सामान और कैश जब्त किए गए हैं लेकिन, इस दौरान कहीं भी किसी भी पार्टी के उम्मीदवार से कैश जब्त नहीं किया गया है। इनमें जितनी भी रकम जब्त की गई है वह किसी न किसी व्यापारी के कर्मचारी से की गई है। इसको लेकर व्यापारिक संगठनों ने कड़ा विरोध भी किया और इस मामले को लेकर निर्वाचन अधिकारी से कई बार मुलाकात भी कर चुके हैं लेकिन, कोई बड़ी राहत नहीं मिली है।
दिवाली में बिक्री के लिए भेजे जा रहे थे सामान
बता दें कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन होने के बाद से अब तक हुए किसी भी विधानसभा चुनाव में इतनी बड़ी जब्ती नहीं की गई है। निर्वाचन द्वारा आचार संहिता लागू करने के बाद से 38.34 करोड़ से ज्यादा के कैश, जेवर और अन्य सामग्री जब्त की गई है। इसमें 10.11 करोड़ रुपये कैश, 14.82 करोड़ रुपये के आभूषण और इसके अलावा 9.50 करोड़ रुपये से ज्यादा की अन्य सामग्री है। इस दौरान जिन सामानों को जब्त किया गया है, उसमें बड़ी संख्या में सामग्री दिवाली में बिक्री के लिए भेजी जा रही थी।