हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Chhattisgarh Election: वो 10 सीटें, जिन पर कांग्रेस-भाजपा के दिग्गजों को कड़ी टक्कर

Chhattisgarh Election Victory Analysis: राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर और चुनाव का सटीक विश्लेषण करने वाले डॉ. अजय चंद्राकर का कहना है कि दोनों दलों के मंत्रियों और पूर्व मंत्रियों के लिए जीत की राह आसान नहीं है, जानते हैं कैसे?

विज्ञापन

वैभव शिव पांडेय, छत्तीसगढ़

Chhattisgarh Congress Candidates Victory Equations: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 का परिणाम 2018 की तरह ही इस बार भी चौंकाने वाला हो सकता है, क्योंकि कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज नेता कड़े मुकाबले में फंस गए हैं। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव मतदान 2 चरणों में हुआ। पहले चरण में 20 सीटों के लिए 7 नवंबर को मतदान हुआ, जबकि दूसरे चरण में 70 सीटों के लिए 17 नवंबर को मतदान हुआ। कुल 90 सीटों में मतदान का औसत प्रतिशत 76.31 रहा। 2018 में मतदान का प्रतिशत 76.88 रहा था। 2018 के मतदान प्रतिशत के आस-पास मतदान प्रतिशत के चलते कांग्रेस और भाजपा दोनों ही भारी बहुमत से सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन इन दावों के बीच बात उन सीटों की करते हैं, जहां कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के दिग्गज नेता कड़े मुकाबले के बीच फंस गए हैं। दुर्गा महाविद्यालय में राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर और चुनाव का सटीक विश्लेषण करने वाले डॉ. अजय चंद्राकर का कहना है कि दोनों दलों के मंत्रियों और पूर्व मंत्रियों के लिए जीत की राह आसान नहीं है, जानते हैं कैसे?

कांग्रेस प्रत्याशियों की स्थिति…

कोंटा, प्रत्याशी कवासी लखमा

विज्ञापन

कोंटा से 5 बार के विधायक और भूपेश सरकार में उद्योग एवं आबकारी मंत्री कवासी लखमा कड़े मुकाबले के बीच फंस गए हैं। भाजपा प्रत्याशी सोयम मुका भी जीत की दहलीज पर खड़े दिखाई दे रहे हैं। वैसे CPI के मनीष कुंजाम भी जीत-हार की रेस में शामिल हैं।

कोंडागांव, प्रत्याशी मोहन मरकाम

विज्ञापन

कोंडागांव से 2 बार के विधायक और भूपेश सरकार में SC-ST-OBC-अल्पसंख्यक मंत्री मोहन मरकाम भी कड़े मुकाबले में फंसे हैं। मरकाम को लेकर भी कहीं से भी यह दावा पुख्ता तौर पर नहीं किया जा रहा है कि वे जीत रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी लता उसेंडी ने कड़ी टक्कर देकर खुद की जीत के दावे को मजबूत कर दिया है।

दुर्ग ग्रामीण, प्रत्याशी ताम्रध्वज साहू

विज्ञापन

कई बार विधायक और सांसद रहे भूपेश सरकार में गृह एवं कृषि मंत्री ताम्रध्वज साहू को लेकर भी यह चर्चा है कि वे कड़े मुकाबले में फंस गए हैं। इस बार दुर्ग ग्रामीण से आसानी से जीत हो, ऐसा दावा स्थानीय रिपोर्ट्स में नहीं किया जा रहा है। पहली बार चुनाव लड़ रहे भाजपा प्रत्याशी ललित चंद्राकर ने उन्हें कड़ी टक्कर दी है।

कवर्धा, प्रत्याशी मो. अकबर

विज्ञापन

2018 में 60 हजार रिकॉर्ड वोटों से जीतने वाले कवर्धा और पंडरिया से कई बार के विधायक और भूपेश सरकार में वन मंत्री मो. अकबर के लिए भी इस बार जीत आसान नहीं है। सियासी चर्चाओं में कवर्धा की सीट को फंसी हुई बताया जा रहा है। भाजपा प्रत्याशी और पहली बार चुनाव लड़ रहे विजय शर्मा ने कड़ी टक्कर देकर यहां मुकाबला बहुत ही दिलचस्प बना दिया है।

साजा, प्रत्याशी रविन्द्र चौबे

विज्ञापन

साजा से कई बार के विधायक और भूपेश बघेल सरकार में पंचायत एवं स्कूल शिक्षा मंत्री रविन्द्र चौबे के लिए भी इस बार सबकुछ आसान नहीं रहा है। बिरनपुर हिंसा के पीड़ित ईश्वर साहू को भाजपा ने प्रत्याशी बनाकर चौबे को साजा में घेर दिया है। बताया जा रहा है कि इस सीट पर मुकाबला बहुत ही कड़ा है।

सीतापुर, प्रत्याशी अमरजीत भगत

विज्ञापन

सीतापुर से लगातार 4 बार के विधायक और भूपेश बघेल सरकार में खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत भी आसानी से जीत रहे हैं, यह दावा पुख्ता नहीं है। ग्राउंड रिपोर्ट्स के मुताबिक, भगत इस बार बहुत कड़े मुकाबले में फंस गए हैं। पहली बार चुनाव लड़ रहे पूर्व सैनिक भाजपा प्रत्याशी रामकुमार टोप्पो ने उन्हें कड़ी टक्कर दी है।

कोरबा, प्रत्याशी जय सिंह अग्रवाल

विज्ञापन

3 बार से लगातार विधायक रहे भूपेश बघेल सरकार के राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल को लेकर भी यह पुख्ता दावा नहीं है कि बीते 3 चुनाव की तरह इस बार वे आसानी से चुनाव जीत रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी और पूर्व महापौर लखन देवांगन ने कड़े मुकाबले में जय सिंह को फंसा दिया है।

भाजपा के दिग्गज प्रत्याशियों की स्थिति…

कुरुद, प्रत्याशी अजय चंद्राकर

कुरुद से कई बार के विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के लिए इस बार जीत आसान नहीं है। ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, चंद्राकर की सीट फंसी हुई है। पहली बार चुनाव लड़ रहीं कांग्रेस प्रत्याशी तारिणी चंद्राकर ने उन्हें कड़ी टक्कर दी है।

बिलासपुर, प्रत्याशी अमर अग्रवाल

बिलासपुर से 4 बार विधायक और रमन सरकार में मंत्री रहे अमर अग्रवाल इस बार भी कड़े मुकाबले में फंसे हुए हैं। कांग्रेस प्रत्याशी शैलेष पांडेय ने उन्हें कड़ी टक्कर दी है।

बिल्हा, प्रत्याशी धरम लाल कौशिक

बिल्हा से कई बार के विधायक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धरम लाल कौशिक की सीट भी फंसी हुई है। पंरपरागत रूप से कांग्रेस प्रत्याशी सियाराम कौशिक से एक बार फिर उन्हें हार का सामना करना पड़ सकता है।

लेटेस्ट खबरों के लिए फॉलो करें News24 का WhatsApp Channel

तखतपुर, प्रत्याशी धर्मजीत सिंह

पहले कांग्रेस, फिर जोगी कांग्रेस और अब भाजपा के नेता धर्मजीत सिंह इस बार चुनाव तखतपुर से लड़ रहे हैं। कई बार के विधायक हैं, विधानसभा उपाध्यक्ष रहे हैं, लेकिन सीट बदलकर चुनाव लड़ना धर्मजीत सिंह को भारी पड़ गया है। कांग्रेस प्रत्याशी और विधायक रश्मि सिंह ने उन्हें कड़ी टक्कर दी है।

जांजगीर, प्रत्याशी नारायण चंदेल

कई बार के विधायक और नेता-प्रतिपक्ष नारायण चंदेल को लेकर भी यह दावा किया जा रहा है कि वे आसानी से नहीं जीत रहे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी व्यास कश्यप ने कड़ी टक्कर देते हुए चंदेल को उन्हीं के घर में घेर लिया है।

भरतपुर-सोनहत, प्रत्याशी रेणुका सिंह

मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री रहीं रेणुका सिंह भी इस बार कड़े मुकाबले में फंस गई हैं। रेणुका सिंह सीट बदलकर भरतपुर-सोनहत से चुनाव लड़ रही हैं, लेकिन जीत-हार के बीच फंस गई हैं। पहली बार के विधायक और तीसरी बार चुनाव लड़ने वाले कांग्रेस प्रत्याशी गुलाब कमरो ने उन्हें कड़ी टक्कर दी है।

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola