महाराष्ट्र में लगातार बढ़ रहे इंसानों और बंदरों के बीच बढ़ते संघर्ष को देखते हुए राज्य सरकार ने एक नई पहल शुरू की है. इस योजना के तहत अब कोई भी व्यक्ति अगर किसी बंदर को सुरक्षित पकड़कर उसे जंगल में छोड़ता है, तो उसे हर बंदर पर 600 रुपये का ईनाम मिलेगा. सरकार का कहना है कि ये कदम शहरों और गांवों में बंदरों के बढ़ते हमलों और उत्पात को रोकने के लिए उठाया गया है. पिछले कुछ समय में बंदरों की वजह से फसलों को नुकसान हुआ है. लोगों पर हमले और सार्वजनिक स्थानों पर दहशत जैसी घटनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं.

ये भी पढ़ें: मुंबई: ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्यता पर सरकार का यू-टर्न, 15 अगस्त तक राहत

---विज्ञापन---

क्यों जरूरी हुई यह पहल?

वन विभाग के मुताबिक, इंसानों के बंदरों को खाना खिलाने और तेजी से बदलते शहरी वातावरण की वजह से ये समस्या और गंभीर हो गई है. जब बंदरों को आसानी से भोजन मिलना बंद होता है, तो वो आक्रामक हो जाते हैं और आबादी वाले इलाकों में घुसकर लोगों का जीना मुहाल कर देते हैं. ऐसे में सरकार का मानना है कि सिर्फ पकड़ने या भगाने से परेशानी हल नहीं होगी, बल्कि उन्हें सुरक्षित तरीके से पकड़कर दूर जंगलों में छोड़ना जरूरी है. पहले बंदरों को पकड़ने के लिए 300 रुपये दिए जाते थे, जिसे अब बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है. सरकार का मानना है कि इससे ज्यादा लोग इस काम में शामिल होंगे और समस्या पर तेजी से काबू पाया जा सकेगा.

---विज्ञापन---


कैसे काम करेगी योजना?

राज्य के राजस्व और वन विभाग के आदेश के मुताबिक, ये योजना 22 अप्रैल 2026 से लागू की गई है. इसके तहत हर बंदर को पकड़कर जंगल में छोड़ने पर 600 रुपये का इनाम दिया जाएगा. बंदरों को पकड़ने के बाद उनका हेल्थ चेकअप होगा. उन्हें मानव बस्तियों से दूर जंगलों में छोड़ा जाएगा. इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी वन विभाग करेगा. इस योजना में सुरक्षा और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि जानवरों को कोई नुकसान न पहुंचे.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: राजस्थान से ज्यादा महाराष्ट्र में क्यों बरस रही आसमान से आग! इन शहरों में ‘हीटवेव’ को लेकर IMD का अलर्ट

---विज्ञापन---

---विज्ञापन---