Bihar Congress: बिहार कांग्रेस में कुछ ठीक नहीं लग रहा। दिल्ली के आदेश को बिहार कांग्रेस ने मानकर अस्वीकार कर दिया है। मतलब दिल्ली ने जिलाअध्यक्षों की सूची जारी की, लेकिन बिहार कांग्रेस ने उस पर आपत्ति जता दी है। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि अब संशोधित सूची आएगी।
बता दें कि कांग्रेस बिहार की सत्ता से दूर 36 सालों से दूर है। बिहार में वर्तमान में 6 विधायक हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 53 संगठन जिलों के जिलाध्यक्ष की नियुक्ति की सूची जारी की थी। इसके 24 घंटे के अंदर बदलाव की मांग उठ गई। सूची पर बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने 'जिसकी जितनी हिस्सेदारी, उसकी उतनी भागीदारी' का अभाव माना है। राजेश राम ने कहा है कि लिस्ट में संशोधन होगा।
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प्रदेश अध्यक्ष का यह बयान साबित कर रहा है कि पार्टी आलाकमान और बिहार संगठन में कुछ ठीक नहीं है। आलाकमान ने बिहार कांग्रेस को भरोसे में नहीं ले पाया। अब देखना होगा कि नई लिस्ट में कौन से नए नाम शामिल होने हैं, जिनके चलते प्रदेश कांग्रेस ने आलाकमान की लिस्ट पर आपत्ति जताई है।
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बता दें कि कांग्रेस के 53 जिलाध्यक्षों की सूची में जारी की थी। इसमें 43 नए चेहरे हैं। 10 पुराने अध्यक्ष को फिर से मौका दिया गया है। जातीय समीकरणों के हिसाब से इन 53 में 24 सवर्ण हैं, जिनकी हिस्सेदारी बिहार के जातीय सर्वे के मुताबिक आबादी में 15 फीसदी के करीब है। 36 फीसदी आबादी वाले अति पिछड़ा वर्ग को इस सूची में कोई तवज्जो नहीं मिली है।
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