बीजेपी ने मैथिली ठाकुर को मैदान में क्यों उतारा, जानिए पार्टी की इस रणनीती के पीछे की इनसाइड स्टोरी

Bihar Chunav 2025: बीजेपी ने जब से मैथिली ठाकुर को टिकट दिया है तब से बिहार की राजनीति में काफी उथल-पुथल देखने को मिल रही है. कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी मैथिली के टिकट पर सवाल किए हैं. ऐसे में जानते हैं आखिर बीजेपी ने उन्हें टिकट देने का ऐलान क्यों किया है.

maithili thakur

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Bihar Chunav 2025: बीजेपी ने बिहार चुनाव के लिए अपने सभी उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. मैथिली ठाकुर को भी बीजेपी ने अलीनगर से टिकट दिया है. मैथिली की टिकट से कई बीजेपी कार्यकर्ताओं में नाराजगी है क्योंकि उनका मानना है कि वे राजनीती का अनुभव नहीं रखती हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि क्यों BJP ने मैथिली को टिकट दिया होगा. चलिए समझते हैं पूरी बात.

नहीं है कोई पॉलिटिकल बैकग्राउंड

बता दें कि मैथिली ठाकुर एक लोकगायिका है जिनका कोई भी पॉलिटिकल बैकग्राउंड नहीं है. उनके पिता और दादाजी का भी संगीत से पुराना नाता है. उनके दोनों भाइयों को भी म्यूजिक की तरफ रुझान रहा है. ऐसे में मैथिली ठाकुर को अचानक बिहार में टिकट देना सभी के लिए ताज्जुब की बात है.

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सालों पहले छोड़ दिया था बिहार

मैथिली ठाकुर का परिवार काफी सालों पहले ही बिहार से दिल्ली आ गया था. वे दिल्ली के नजफगढ़ में अपने पूरे परिवार के साथ रहती हैं. उनके पिता ने ही उन्हें संगीत की शिक्षा दी थी. हालांकि, वे बिहार सालों पहले छोड़ चुकी है लेकिन उनकी जड़े आज भी बिहार की ही है. मैथिली बिहार के मधुबनी से आती हैं. इसलिए, माना जा रहा था कि शायद उन्हें वहां से टिकट मिलेगा.

क्यों खेला होगा BJP ने यह दांव?

बीजेपी ने मैथिली ठाकुर को अलीनगर विधानसभा से टिकट दिया है. दरअसल, इसका कारण यह है कि पार्टी को इस सीट पर किसी साफ-सुथरी छवि वाले उम्मीदवार की तलाश थी जो यहां लंबे समय तक सत्ता में बना रहे. BJP ने मैथिली को टिकट देकर एक नहीं कई वर्गों पर सीधा टारगेट किया है जैसे युवा, महिलाओं और ब्राह्मण.

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पूर्व विधायक पर लगे थे आरोप

अलीनगर सीट पर विधायक मिश्री लाल यादव की छवि पिछले कुछ समय से खराब चल रही है. उन पर कई आरोप और मारपीट के मामले थे. इसके अलावा, मिश्री लाल यादव ने भी पार्टी से इस्तीफा देते हुए कहा था कि भाजपा दलितों और पिछड़े वर्गों को उनका हक नहीं देती है.

मैथिली की जीत आसान नहीं

जी हां, भले ही मैथिली एक साफ-सुथरी छवि वाली शख्सियत हैं लेकिन इसमें कोई दोराय नहीं है कि उनके पास राजनीति का कोई तजुरबा नहीं है. उन्हें अभी लोगों के बीच जाना और उनके मुद्दों को समझकर समाधान करने जैसे कामों को करने में मेहनत लगेगी. इसके अलावा, बीजेपी के अपने कार्यकर्ताओं द्वारा विरोधाभास झेलना उनकी जीत मुश्किल कर सकता है. मिश्री लाल के समर्थक भी मैथिली के विरोधी है. इसलिए, मैथिली की जीत आसान नहीं मानी जा रही है.

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लेखक के बारे में

Namrata Mohanty

Namrata Mohanty

नम्रता मोहंती (Namrata Mohanty) न्यूज24 में एक सक्रिय कंटेंट राइटर है. मैंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत जी न्यूज और एबीपी जैसे संस्थानों से इंटर्नशिप करते हुए की थी. आज मैं न्यूज24 के डिजीटल डेस्क पर कार्यरत हूं. मैंने यहां अपने कार्यकाल की शुरुआत अगस्त 2024 से की थी. बीते 1 साल में मैंने कई बीट्स पर काम किया है. हेल्थ बीट से शुरुआत करते हुए आज मैं यूटिलिटी और देश-विदेश की खबरों पर भी काम कर रही हूं. हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों में मेरा विशेष ध्यान आयुर्वेद, घरेलू उपचार, लाइफस्टाइल हेल्थ टिप्स और आधुनिक चिकित्सा पर आधारित प्रामाणिक और विशेषज्ञ-प्रामाणित जानकारी लोगों तक साझा करना रहा है. रोजमर्रा की देश और दुनिया से जुड़ी खबरों पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही हूं. यूटिलिटी में सब्सिडी, पेंशन और योजनाओं के बारे में बताना मेरी विशेषता है. पत्रकार और कंटेंट राइटर बनकर अपने शब्दों से लोगों को सही और सटीक जानकारी बताना है. मेरी स्कूल शिक्षा दिल्ली के जानकी देवी कन्या विद्याल्य से हुई है. इसके बाद मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई नोएडा के ISOMES मीडिया कॉलेज से की थी. आप मुझसे इन प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ सकते हैं. @namrata0105_m Namrata Mohanty  @namratamohanty105 Namrata Mohanty
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