Tejashwi Yadav: बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार को पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुईं। जिसके कारण पुलिस को पानी की बौछार करनी पड़ी। आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान महासचिव विजय कुमार की मौत हो गई। लाठीचार्ज के बाद डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की पहली प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों से मेरी बात हुई है। कोई भी भाजपा के प्रदर्शन में शामिल नहीं था। ये बेकार का हुड़दंग कर रहे थे। 18 साल कौन था भइया यहां सरकार में? कौन था?
तेजस्वी यादव ने कहा कि भाजपा के लोग 10 लाख नौकरियां मांग रहे हैं। उन्हें बताना चाहिए कि देश के किस राज्य ने 3 लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियों के लिए विज्ञापन निकाला है। हम अपने कार्यकाल में 10 लाख नौकरियों का अपना वादा पूरा करेंगे, लेकिन उन्हें हमें उन 2 करोड़ नौकरियों के बारे में बताना चाहिए जिनका उन्होंने वादा किया था।
बैरिकेडिंग से आगे बढ़ते ही पुलिस ने पीटा
दरअसल, भाजपा ने कई मुद्दों पर गुरुवार को पटना में विरोध प्रदर्शन किया। जिसमें रेलवे में नौकरियों के लिए जमीन मामले में सीबीआई के आरोपपत्र में तेजस्वी यादव का नाम आने, नीतीश कुमार सरकार के दस लाख नौकरियों के वादे और राज्य में शिक्षकों की भर्ती का मुद्दा शामिल था।
पटना में डाक बंगला चौराहे पर भाजपा नेताओं के बैरिकेडिंग से आगे बढ़ते ही उनकी पुलिस से झड़पें हुईं। जिसके कारण पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार करनी पड़ी, आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा। भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा कि पार्टी की जहानाबाद इकाई के महासचिव विजय कुमार सिंह की कथित तौर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल होने से मौत हो गई।
नीतीश कुमार पर दर्ज हो 302 का मुकदमा
बिहार भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र की हत्या हो रही है और नीतीश कुमार ने हमारे कार्यकर्ताओं की हत्या की है। नीतीश कुमार जी पर (IPC की धारा) 302 का मुकदमा चलाने का काम करेंगे। आप लाठी चलाएं या फिर गोली, भाजपा का कार्यकर्ता नहीं रुकेंगे।
जेपी नड्डा ने नीतीश पर साधा निशाना
वहीं, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि पटना में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज राज्य सरकार की विफलता और घबराहट का नतीजा है। भ्रष्टाचार के गढ़ को बचाने के लिए महागठबंधन सरकार लोकतंत्र पर हमला कर रही है। जिस व्यक्ति पर आरोप पत्र दायर किया गया है उसे बचाने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री अपनी नैतिकता तक भूल गए हैं।
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