मनीष सिसोदिया जेल में रहेंगे या मिलेगी बेल? 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में जमानत पर होगी सुनवाई

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Manish Sisodia

Manish Sisodia Bail: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर कल 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। दिल्ली के कथित शराब नीति घोटाले में फरवरी में गिरफ्तार किए गए मनीष सिसोदिया की कई जमानत याचिकाएं अब तक अदालतों द्वारा खारिज कर दी गई हैं।

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सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ उनकी अपील पर सुनवाई के लिए सहमत हो गई थी। सिसोदिया ने अदालत को बताया कि उनकी पत्नी गंभीर रूप से बीमार हैं और अस्पताल में भर्ती हैं और उन्होंने जमानत देने से इनकार करने वाले उच्च न्यायालय के दो आदेशों को चुनौती दी है।

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पिछले हफ्ते मनीष सिसोदिया केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उनके खिलाफ दायर मामलों में जमानत के लिए शीर्ष अदालत गए थे।

शराब नीति केस में सिसोदिया आरोपी

दिल्ली सरकार की 2021 की शराब नीति के संबंध में दायर मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री को आरोपी बनाया गया है। 51 वर्षीय सिसोदिया पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं।

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सीबीआई का तर्क है कि शराब कंपनियां उत्पाद शुल्क नीति तैयार करने में शामिल थीं, जिससे कंपनियों को 12 प्रतिशत का लाभ होता। एजेंसी ने आरोप लगाया कि एक शराब लॉबी जिसे उसने ‘साउथ ग्रुप’ कहा था, ने इसके लिए रिश्वत दी थी। एजेंसी ने दावा किया कि प्रस्तावित 12 प्रतिशत लाभ में से छह प्रतिशत बिचौलियों के माध्यम से लोक सेवकों को दिया गया।

सिसोदिया ने भ्रष्टाचार के आरोपों से किया इंकार

प्रवर्तन निदेशालय ने भी रिश्वत की हेराफेरी का आरोप लगाते हुए एक जांच शुरू की है। शराब नीति रद्द किए जाने के बाद भाजपा ने कहा कि दिल्ली सरकार भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए पुरानी शराब नीति पर वापस लौट आई है। सिसोदिया ने गलत काम करने से इनकार किया है। उनकी पार्टी आप ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी शासन के दिल्ली मॉडल पर हमला है।

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