बिहार में फिर राजनीति हलचल शुरू हो गई है। नए सीएम का इंतजार रहे रहे राज्य में नया विवाद खड़ हो सकता है। कई दिनों से शांत चल रहे बिहार के मुख्य मंत्री अपने पुराने स्वरूप में लौटते दिख रहे हैं। ऐसा इसलिए कि नीतीश के बिना शर्त राज्य सभा जाने पर पार्टी में बगावत हो गई थी। लोगों को भरोसा नहीं हो रहा था। अब नीतीश कुमार ने पुराना स्वरूप दिखाते हुए सीएम पद छोड़ने के लिए 4 शर्तें रख दीं हैं। इससे बिहार की राजनीति में फिर एक बार नयापन देखने को मिल रहा है। इसे बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
बिहार की राजनीति हमेशा से चर्चा का विषय रही है। चुनाव में जनता ने बीजेपी गठबंधन को भारी बहुमत से जिताया। करीब 6 महीने बाद सीएम नीतीश कुमार ने बिना शर्त राज्य सभा जाने का मन बना लिया। नीतीश के इस फैसले ने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया था। नीतीश की पार्टी जेडीयू में भी इसका विरोध काफी विरोध हुआ था। राज्य सभा जाने के पीछे नीतीश का कोई ठोस कारण पार्टी को नहीं मिला था। नीतीश ने राज्य सभा जाने के पीछे केवल इच्छा बताई थी।
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अब नीतीश कुमार ने अपने पुराने रंग में लौटते दिख रहे हैं। 30 मार्च को नीतीश कुमार विधान परिषद से इस्तीफा देने वाले हैं। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार विधानपरिषद से अपना इस्तीफा देगें लेकिन मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा कब होगी इस पर अभी भी संस्पेंस बना हुआ है। सूत्रों की माने तो नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा के पहले बीजेपी के सामने 4 शर्तें रखीं हैं।
शर्तों में शामिल है कि पहले मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा हो, गृह मंत्रालय किसके पास होगी यह तय हो, विधानसभा का अध्यक्ष किस पार्टी का होगा यह तय हो और कौन से विभाग किस पार्टी के खाते में जाएंगे, यह तय हो। ये सभी बिंदु तय होने के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देगें।
BJP के लिए क्यों झटका?
पिछले चुनाव में बीजेपी गठबंधन ने सीएम के रूप में नीतीश कुमार के चेहरे पर ही चुनाव लड़ा था। गठबंधन को भारी बहुमत से जीत मिली थी। नीतीश के राज्य सभा जाने के बाद बिहार में बीजेपी का ही सीएम बनाया जाना है। अब नीतीश ने नए सीएम का फेस रिवील करने की शर्त रखी है। ऐसे में माना जा सकता है कि अगर नया सीएम फेस नीतीश कुमार को पसंद नहीं आया तो वह सीएम पद छोड़ने से इंकार कर सकते हैं।
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