बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा को लेकर पटना हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। दोबारा प्रारंभिक परीक्षा करवाने की मांग कर रहे अभ्यार्थियों को तगड़ा झटका लगा है। अदालत ने इस याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पटना हाई कोर्ट के इस फैसले से न सिर्फ BPSC बल्कि राज्य सरकार को भी काफी राहत मिली है।
हाई कोर्ट ने सुनाया फैसला
पटना हाई कोर्ट ने 70वीं BPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा दोबारा करवाने की मांग की थी। इसके लिए पटना हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हालांकि अदालत ने सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए परीक्षा दोबारा करवाने से साफ इनकार कर दिया है। एक्टिंग चीफ जस्टिस आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने इस मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि BPSC की 70वीं प्री-परीक्षा दोबारा नहीं होगी।
पटना में हुआ था धरना प्रदर्शन
BPSC के अभ्यार्थियों ने दोबारा परीक्षा की मांग करते हुए पटना के गर्दनीबाग में धरना दिया था। इस धरना प्रदर्शन में RJD नेता तेजस्वी यादव से लेकर पप्पू यादव और प्रशांत किशोर तक ने हिस्सा लिया। वहीं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी छात्रों की आपबीती सुनने पटना गए थे। ऐसे में पटना हाई कोर्ट का फैसला एक बड़ा झटका है।
क्या है पूरा मामला?
BPSC के छात्रों ने 13 दिसंबर 2024 को आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। अभ्यार्थी तभी से दोबारा परीक्षा करवाने की मांग कर रहे थे। अभ्यार्थियों की मांग पर BPSC ने 4 जनवरी को फिर से परीक्षा करवाई। हालांकि धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने इसमें भी धांधली का आरोप लगा दिया। छात्रों ने पटना हाई कोर्ट में याचिका दायर करते हुए फिर से परीक्षा कराने की मांग की थी, जिसे खारिज कर दिया गया है।