Why Nitish Kumar Won’t Join Congress’ Nyay Yatra : लोकसभा चुनाव अब ज्यादा दूर नहीं बचे हैं और विपक्षी गठबंधन में तनातनी कम होने की जगह बढ़ती ही जा रही है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले I.N.D.I.A. गठबंधन को पहले तो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से निराशा मिली फिर पंजाब के सीएम भगवंत मान ने भी राज्य में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। अब, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी कांग्रेस विरोधी रुख दिखाया है।
दरअसल, रिपोर्ट्स के अनुसार नीतीश कुमार ने कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। राहुल गांधी के नेतृत्व में हो रही यह यात्रा 29 जनवरी को बिहार में प्रवेश करेगी। जानकारी के अनुसार कांग्रेस के विधायक दल के नेता शकील अहमद खान के जरिए जनता दल यूनाइटेड (जदयू) को इसका आधिकारिक निमंत्रण दिया गया था। लेकिन कथित तौर पर नीतीश ने इसमें शामिल होने की बात नहीं कही है।
कांग्रेस से क्यों खुश नहीं नीतीश कुमार?
बता दें कि सीट बंटवारे की वार्ता में देरी को लेकर नीतीश कुमार कांग्रेस से खुश नहीं हैं। नीतीश का राहुल की न्याय यात्रा से दूरी बनाए रखने का मतलब है कि गठबंधन में तनाव की स्थिति बनी हुई है। माना जाता है कि नीतीश चाहते हैं कि विपक्षी गठबंधन उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करे, लेकिन कांग्रेस उनकी यह मांग मानने के लिए तैयार नहीं है। उन्हें गठबंधन का संयोजक बनाने की पेशकश जरूर की गई थी लेकिन उसे नीतीश कुमार ने ठुकरा दिया था।
यूपी में अखिलेश भी अपनाएंगे यही राह?
सीट बंटवारे को लेकर स्थिति सबसे अहम राज्य माने जाने वाले उत्तर प्रदेश में भी क्लीयर नहीं है। यहां समाजवादी पार्टी कांग्रेस को उतनी सीटें देने के लिए तैयार नहीं है जितने की वह मांग कर रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि अखिलेश यादव भी ममता बनर्जी जैसा रुख अपना सकते हैं। दोनों पार्टियों के बीच इसे लेकर बातचीत तो चल रही है लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं हो पाया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि विपक्ष किस आधार पर जीत का दावा कर रहा है।