Nawada Lok Sabha Seat Political Equations: लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण के लिए बिहार में नामांकन प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। पहले चरण में चार सीटों औरंगाबाद, नवादा, गया और जमुई में 19 अप्रैल को वोटिंग होगी। इसमें से नवादा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विवेक ठाकुर, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने श्रवण कुशवाहा को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं, भोजपुरी लोक गायक गुंजन सिंह ने निर्दलीय नामांकन कर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की है। नवादा लोकसभा सीट का इतिहास क्या है, यहां से किस पार्टी को कितनी बार जीत मिली और अब तक कितने सांसद चुने गए, आइए जानते हैं...
विवेक ठाकुर कौन हैं?
विवेक ठाकुर राज्यसभा सांसद हैं। वे पटना के रहने वाले हैं। यह उनका पहला लोकसभा चुनाव है। उनके पिता डॉ. सीपी ठाकुर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं। वे 2 मई 2013 से 6 मई 2014 तक एमएलसी भी रहे। उन्हें 10 अप्रैल 2020 को राज्यसभा भेजा गया। विवेक ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड से मास्टर डिग्री हासिल की है। उनके हलफनामे के मुताबिक, वे 2,85,43,552.36 रुपये की संपत्ति के मालिक हैं। विवेक के खिलाफ कहीं भी कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है। उनकी साफ-सुथरी छवि है।
नवादा संसदीय क्षेत्र से 2019 में लोक जनशक्ति पार्टी के चंदन सिंह को जीत मिली। उन्होंने आरजेडी की विभा देवी को 1,48,073 वोटों से हराया। चंदन सिंह को 4,95,684, जबकि विभा देवी को 3,47, 612 वोट मिले। कुल 49.73 फीसदी मतदान हुआ। यहां कुल 9,44,691 मतदाताओं ने वोट डाले थे।
शुरुआती दो चुनाव में चुने गए दो सांसद
बता दें कि नवादा संसदीय क्षेत्र में शुरुआती दो चुनावों में दो सांसद चुने गए थे। पहली बार 1952 में ब्रजेश्वर प्रसाद और राम धनी दास, जबकि दूसरी बार 1957 में सत्यभामा देवी और रामधनी दास सांसद चुने गए। सभी कांग्रेस पार्टी से थे। राम धनी दास 1962 में लगातार तीसरी बार सांसद चुने गए थे।
नवादा लोकसभा क्षेत्र में कितनी विधानसभा सीटें हैं?