हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा एक्शन, 11 आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी

भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा एक्शन, 11 आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी

विज्ञापन
Credit: News24

भरत तिवारी एनकाउंटर केस में सोमवार को बड़ी कार्रवाई हुई है. इस मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है. जिन लोगों के खिलाफ वारंट जारी हुआ है, उनमें तत्कालीन SDM, SDPO, थानाध्यक्ष, दरोगा और STF के जवान समेत कुल 11 आरोपी शामिल हैं. सिविल कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान भरत तिवारी की ओर से वकील संजीव कुमार सिंह ने अपना पक्ष रखा. कोर्ट ने उनकी बात पर सहमति जताते हुए SP से अब तक की जांच रिपोर्ट मांगी है. भरत भूषण तिवारी मामले में शाहपुर थाना में FIR दर्ज हुई थी. FIR में तत्कालीन जगदीशपुर SDPO राजेश कुमार शर्मा, तत्कालीन शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकार समेत बाकी पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया था. बिहार सरकार ने मामले की न्यायिक जांच रिटायर्ड हाईकोर्ट जज जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में कराई है.

ये भी पढ़ें: भरत तिवारी एनकाउंटर पर धीरेंद्र शास्त्री ने कही बड़ी बात, न्याय दिलाने के लिए आज हो रही महापंचायत

क्या है मामला?

17 जून 2026 को बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में भरत तिवारी का एनकाउंटर हुआ था. आरोप हैं कि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था, लेकिन बावजूद इसके पुलिस और STF ने घेरकर भरत तिवारी पर गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई. भरत की मां आशा देवी ने एनकाउंटर का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस पर भरत की हत्या किए जाने का आरोप लगाया तो विवाद गहराया और मामला बिहार सरकार तक पहुंचा. भरत तिवारी एनकाउंटर विवाद के पीछे गंगा के कटाव से दोबारा बसे हुए परिवारों के पुनर्वास और गड्ढों वाली जमीन पर मिट्टी भराई का मुद्दा था, जिसे लेकर भरत तिवारी प्रशासन पर सवाल उठा रहे थे. इसी मामले में पुलिस ने भरत तिवारी को हिरासत में लेने की कोशिश की थी.

विज्ञापन

क्या था विवाद?

भरत ने सरेंडर कर दिया था, लेकिन पुलिस ने ये कहते हुए उसका एनकाउंटर किया कि वो भागने का प्रयास कर रहा था. विवाद गहराने पर सरकार ने हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज को जांच सौंपी. मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा और भरत के परिजनों ने CBI जांच की मांग की, लेकिन बेंच ने जांच एजेंसी को पटना हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया. इस बीच सरकार ने कुछ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की और तबादले भी किए. मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद भरत तिवारी की मां आशा देवी ने धमकियां मिलने के आरोप लगाए. आशा देवी और उनके परिजनों ने सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी मिलने और रिश्तेदार के साथ मारपीट के आरोप में FIR दर्ज कराई थी.

(Input By: Saurav Kumar)

विज्ञापन

ये भी पढ़ें: कौन थे बिहार के भरत तिवारी? पुलिस की गोली लगने से मौत और अब मचा बवाल, 3 पुलिसकर्मी भी सस्पेंड

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola