NEET री-एग्जाम के बीच बिहार पुलिस ने बीते दिन बड़ी कार्रवाई की। लखीसराय में NEET री-एग्जाम के दौरान पुलिस ने एक गैंग पकड़ा है। इस गैंग के लोग एग्जाम में असली परीक्षार्थियों की जगह फर्जी परीक्षार्थियों को एग्जाम में बैठाते थे। पुलिस ने इसे सॉल्वर गैंग बताया और इसका पर्दाफाश करते हुए सरगना समेत कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों में 5 मेडिकल स्टूडेंट और 14 बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारी शामिल हैं। आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को कई सुराग मिले।
साल 2024 में भी आरोपी था अर्पित राज
पुलिस के अनुसार, गैंग का सरगना मेडिकल का स्टूडेंट है, जो गया के अन्नपूर्णा नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (ANMMCH) का छात्र अर्पित राज है। क्रिमिनल रिकॉर्ड खंगालने के दौरान पता चला कि अर्पित राज से 2024 के नीट पेपर लीक मामले में भी CBI पूछताछ कर चुकी है। वहीं गैंग का पर्दाफाश तब हुआ, जब PMCH का थर्ड ईयर MBBS छात्र मयंक कश्यप बायोमेट्रिक कंपनी का स्टाफ बनकर हसनपुर हाई स्कूल परीक्षा केंद्र में घुस गया और जांच में फर्जी निकला।
आरोपी दूसरे की जगह पेपर देते पकड़े
पुलिस पूछताछ में मयंक ने अपने गैंग का खुलासा किया। मंयक की निशानदेही पर KRK हायर सेकेंडरी स्कूल और केंद्रीय विद्यालय लखीसराय में छापा मारकर 7 परीक्षार्थियों को दबोचा गया। गैंंग के मेंबर कई बड़े मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों के छात्र हैं। BHU नर्सिंग की छात्रा पूनम कुमारी को दूसरे के नाम पर पेपर देते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।AIIMS रायबरेली के छात्र सौरभ झा, दिल्ली के शाहदरा स्थित मेडिकल कॉलेज के इंटर्न अमन अग्रवाल, NMCH नर्सिंग के छात्र संजीत और उसके भाई को भी गिरफ्तार किया गया है। यह सभी दूसरे की जगह एग्जाम दे रहे थे।
सेमिनार-क्विज छोड़ बहाने बनाकर भागे
NEET एग्जाम के दौरान देशभर के मेडिकल स्टूडेंट्स को कैंपस से बाहर नहीं जाने के निर्देश दिए गए थे। PMCH समेत कई मेडिकल कॉलेजों में छात्रों को रोकने के लिए सेमिनार और क्विज आयोजित किए गए थे, लेकिन PMCH के कई छात्र सेमिनार और क्विज से गायब थे। जांच करने पर पता चला कि मयंक बीमारी का बहाना बनाकर कॉलेज से निकला था। इसी मयंक को पुलिस ने लखीसराय में सेंटर के अंदर फर्जी स्टाफ के रूप में पकड़ लिया गया।