हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

बिहार के खान सर केस में आया नया मोड़, थाने के बाहर धरने पर बैठे रौशन आनंद, जानें क्यों और क्या है उनकी मांग?

Khan Sir vs Raushan Anand: बिहार का खान सर बनाम रौशन आनंद विवाद बढ़ता ही जा रहा है। क्योंकि अब रौशन आनंद धरने पर बैठ गए हैं और उनका परिवार उनकी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग कर रहा है।

विज्ञापन
खान सर और रौशन आनंद विवाद अब प्रिंस आनंद की मौत के कारण गरमा गया है।

बिहार के खान सर विवाद में नया मोड़ आ गया है। क्योंकि ज्ञान बिंदु संस्थान के डायरेक्टर रौशन आनंद धरने पर बैठ गए हैं। उनकी मांग है कि या तो उन्हें मार दिया जाए या खान सर के खिलाफ FIR दर्ज की जाए। वे पटना के कदमकुआं थाने के बाहर अपने समर्थकों के साथ धरना दे रहे हैं। उन्होंने शिकायत देने के बावजूद खान सर के खिलाफ FIR दर्ज नहीं करने का आरोप पुलिस पर लगाया है। वहीं चाचा और अन्य परिजनों ने रौशन आनंद की जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है।

बिहार के ‘खान सर’ को बड़ी राहत, फायरिंग मामले में पटना कोर्ट ने फैजल खान की गिरफ्तारी पर लगाई रोक

प्रिंस यादव की मौत की CBI जांच की मांग

बता दें कि रौशन आनंद और उनके परिजनों ने प्रिंस यादव की मौत की CBI जांच कराने की मांग की है। सरकार को दिए गए लेटर में कहा गया है कि प्रिंस यादव की मौत मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाया जाना चाहिए। न्यायपालिका पर भरोसा है और उम्मीद है कि जांच के जरिए सच सामने आ जाएगा। लेकिन रौशन आनंद की शिकायत, FIR की मांग और सुरक्षा को लेकर उठी चिंताओं ने मामले को गरमा दिया है।

विज्ञापन

रौशन आनंद के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग

बता दें कि रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटनाक्रम के बाद परिवार डर के साए में है। परिवार ने रौशन आंनद की जान को भी खतरा बताया है। रौशन आनंद के चाचा मनोज यादव ने बिहार की सम्राट चौधरी सरकार से रौशन को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। मनोज यादव कहा कहना है कि प्रिंस यादव की मौत के बाद रौशन आनंद परिवार का एकमात्र सहारा हैं। विरोध उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए सुरक्षा प्रदान की जाए।

क्या है खान सर और रौशन आनंद विवाद?

बिहार में खान सर (फैजल खान) और ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के रौशन आनंद के बीच प्रतियोगता सालों पुरानी है, जिसने अब हिंसक रूप ले लिया है। जून 2026 में दोनों के समर्थकों ने एक दूसरे के कोचिंग सेंटरों के पोस्टर फाड़ दिए। विवाद के चलते झड़प और फायरिंग हुई। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस पुलिस ने दोनों पक्षों का केस दर्ज करके रौशन आनंद और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया, जिन्हें पटना कोर्ट से जमानत मिल गई। लेकिन खान सर की गिरफ्तारी पर कोर्ट ने रोक लगाई।

विज्ञापन

खान सर पर आरोप साबित हुए तो कितनी हो सकती है सजा? हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट का केस दर्ज

रौशन के भाई प्रिंस की मौत से विवाद बढ़ा

बता दें कि पुलिस कार्रवाई के बीच रौशन आनंद का भाई प्रिंस आनंद गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल भाग गया, जहां संदिग्ध हालात में उसकी मौत हो गई। नेपाल के होटल में प्रिंस आनंद की तबियत बिगड़ी और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस का दावा है कि प्रिंस के कमरे से मिर्गी की दवाइयां बरामद हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी उसके शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले और न ही हत्या के सबूत मिले। दोस्तों ने भी बताया है कि प्रिंस मिर्गी की दवाई लेता था।

विज्ञापन

लेकिन रौशन आनंद और उनके परिजनों ने खान सर पर प्रिंस की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए नार्को टेस्ट कराए जाने की मांग की है।

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola