बिहार के खान सर विवाद में नया मोड़ आ गया है। क्योंकि ज्ञान बिंदु संस्थान के डायरेक्टर रौशन आनंद धरने पर बैठ गए हैं। उनकी मांग है कि या तो उन्हें मार दिया जाए या खान सर के खिलाफ FIR दर्ज की जाए। वे पटना के कदमकुआं थाने के बाहर अपने समर्थकों के साथ धरना दे रहे हैं। उन्होंने शिकायत देने के बावजूद खान सर के खिलाफ FIR दर्ज नहीं करने का आरोप पुलिस पर लगाया है। वहीं चाचा और अन्य परिजनों ने रौशन आनंद की जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है।
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प्रिंस यादव की मौत की CBI जांच की मांग
बता दें कि रौशन आनंद और उनके परिजनों ने प्रिंस यादव की मौत की CBI जांच कराने की मांग की है। सरकार को दिए गए लेटर में कहा गया है कि प्रिंस यादव की मौत मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाया जाना चाहिए। न्यायपालिका पर भरोसा है और उम्मीद है कि जांच के जरिए सच सामने आ जाएगा। लेकिन रौशन आनंद की शिकायत, FIR की मांग और सुरक्षा को लेकर उठी चिंताओं ने मामले को गरमा दिया है।
रौशन आनंद के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग
बता दें कि रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटनाक्रम के बाद परिवार डर के साए में है। परिवार ने रौशन आंनद की जान को भी खतरा बताया है। रौशन आनंद के चाचा मनोज यादव ने बिहार की सम्राट चौधरी सरकार से रौशन को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। मनोज यादव कहा कहना है कि प्रिंस यादव की मौत के बाद रौशन आनंद परिवार का एकमात्र सहारा हैं। विरोध उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए सुरक्षा प्रदान की जाए।
क्या है खान सर और रौशन आनंद विवाद?
बिहार में खान सर (फैजल खान) और ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के रौशन आनंद के बीच प्रतियोगता सालों पुरानी है, जिसने अब हिंसक रूप ले लिया है। जून 2026 में दोनों के समर्थकों ने एक दूसरे के कोचिंग सेंटरों के पोस्टर फाड़ दिए। विवाद के चलते झड़प और फायरिंग हुई। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस पुलिस ने दोनों पक्षों का केस दर्ज करके रौशन आनंद और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया, जिन्हें पटना कोर्ट से जमानत मिल गई। लेकिन खान सर की गिरफ्तारी पर कोर्ट ने रोक लगाई।
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रौशन के भाई प्रिंस की मौत से विवाद बढ़ा
बता दें कि पुलिस कार्रवाई के बीच रौशन आनंद का भाई प्रिंस आनंद गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल भाग गया, जहां संदिग्ध हालात में उसकी मौत हो गई। नेपाल के होटल में प्रिंस आनंद की तबियत बिगड़ी और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस का दावा है कि प्रिंस के कमरे से मिर्गी की दवाइयां बरामद हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी उसके शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले और न ही हत्या के सबूत मिले। दोस्तों ने भी बताया है कि प्रिंस मिर्गी की दवाई लेता था।
लेकिन रौशन आनंद और उनके परिजनों ने खान सर पर प्रिंस की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए नार्को टेस्ट कराए जाने की मांग की है।