राज्यपाल से मिलकर सौपेंगे ज्ञापन
जीतन राम मांझी ने कहा कि वे शुरू से ही सवाल उठा रहे थे कि जातीय गणना की रिपोर्ट में गड़बड़ी है। पहले जातीय आंकड़ों में और अब आर्थिक रिपोर्ट में इसी बात को लेकर आज अध्यक्ष से आदेश लेकर अपनी बातों को कह रहे थे, लेकिन नीतीश कुमार अमर्यादित तरीके से पेश आए। जीतन राम मांझी ने कहा कि वे कल पहले विधानसभा में धरना देंगे फिर राज्यपाल से मिलकर ज्ञापन सौपेंगे। इस दौरान उनके साथ बीजेपी के सदस्य भी रहेंगे। राज्यपाल को कहेंगे कि नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, उन्हें बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करें।
कैसे शुरू हुआ विवाद ?
विवाद की शुरुआत तब हुई, जब पूर्व CM जीतन राम मांझी सदन में बोलने के लिए खड़े हुए। इसके बाद विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन के अंदर दलित तबके से आने वाले पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को जमकर जलील किया। नीतीश कुमार काफी देर तक जीतन राम मांझी के साथ तू-तड़ाक करते रहे और अपशब्दों की बौछार करते रहे। इस बीच नीतीश की बातों के विरोध में भाजपा विधायकों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। नीतीश, भाजपा विधायकों से भी भिड़ गये। नीतीश ने कहा कि मेरा गदहीपन था, जो इसको मुख्यमंत्री बना दिये थे।