बिहार में एक और आईपीएस अफसर ने नौकरी छोड़ दी है। ‘लेडी सिंघम’ के नाम से मशहूर आईपीएस काम्या मिश्रा का इस्तीफा राष्ट्रपति ने मंजूर कर लिया है। काम्या ने पिछले साल इस्तीफा दिया था लेकिन सरकार ने अब उनका इस्तीफा मंजूर किया है। बता दें कि इससे पहले बिहार के सुपर कॉप शिपदीप लांडे ने पूर्णिया रेंज के आईजी पद से इस्तीफा दिया था। आईजी शिवदीप लांडे का इस्तीफा भी सरकार ने स्वीकार कर लिया था।
मुकेश सहनी के पिता की हत्या के खुलासे में निभाई थी बड़ी भूमिका
इस्तीफा देने से कुछ महीनों पहले ही काम्या मिश्रा ने दरभंगा ग्रामीण एसपी के रूप में अपना योगदान दिया था। अपने पदस्थापन के दौरान विकासशील इंसान पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी की हत्या मामले की जांच के बाद काम्या मिश्रा को एसआईटी के नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इस केस के खुलासे में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थीं। इस वजह से उस समय काम्या मिश्रा काफी चर्चा में आई थी।
अगस्त 2024 में दिया था इस्तीफा
काम्या मिश्रा ओडिशा की रहने वाली हैं और पढ़ाई में हमेशा से अच्छी थीं। उन्होंने 22 साल की उम्र में अपने पहले ही प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली थी और पुलिस सेवा का चयन किया था। काम्या मिश्रा ने पिछले साल 5 अगस्त को आईपीएस की नौकरी छोड़ने का फैसला किया था। उस समय उनका इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ था। राष्ट्रपति ने मंगलवार को उनके इस्तीफे को मंजूरी दे दी।
2019 में आईपीएस बनीं थीं काम्या
काम्या मिश्रा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के मशहूर लेडी श्रीराम कॉलेज से पढ़ाई की है। उन्होंने 2019 में यूपीएससी परीक्षा में पूरे देश में 172वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद उनका चयन इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) में हुआ था। शुरू में काम्या को हिमाचल कैडर मिला था। बाद में उनका ट्रांसफर बिहार कैडर में कर दिया गया था। काम्या मिश्रा के पति अवधेश सरोज भी आईपीएस अधिकारी हैं। वह 2021 बैच के बिहार कैडर के पुलिस अफसर हैं।
काम्या मिश्रा ने क्यों दिया था इस्तीफा?
बताया जा रहा है कि उन्होंने निजी कारणों से नौकरी छोड़ने का फैसला किया है। लेकिन काम्या मिश्रा ने नौकरी छोड़ने से पहले अपने अगले करियर की प्लानिंग कर ली थी। काम्या मिश्रा इस्तीफा देने के बाद छुट्टी पर चली गई थीं। आईपीएस काम्या मिश्रा ने पुलिस सर्विस छोड़ने के बाद अपने पिता के बिजनेस की देख-रेख कर रही हैं। काम्या को पुलिस की सर्विस हमेशा से पसंद थी। इससे उन्हें लोगों से जुड़ने और डायरेक्ट उनकी समस्याओं का निदान करने का मौका मिलता था, लेकिन पारिवारिक कारणों से उन्हें ऐसा करने में मुश्किल आ रही थी।
पिता के बिजनेस को संभालने की जिम्मेदारी
अकेली बेटी होने के कारण पिता के बिजनेस को संभालने की जिम्मेदारी उनपर ही है। ऐसे में उन्हें पुलिस की सर्विस छोड़नी पड़ी, लेकिन अब काम्या ने लोगों से जुड़े रहने और उनकी सेवा के लिए एक नया तरीका निकाल लिया है। काम्या कहती हैं कि ये उनका सालों पुराना सपना है जो अब वो बिजनेस देखने के साथ-साथ पूरा करेंगी। काम्या ने नौकरी छोड़ने के बाद मीडिया में बातचीत के दौरान कहा था कि जो भी बच्चे शिक्षा से वंचित हैं वो उनके लिए बड़े स्तर पर काम करने की कोशिश करेंगी। काम्या का मानना है कि देश में शिक्षा के क्षेत्र में अभी भी बहुत हद तक काम करने की जरूरत है। इस क्षेत्र में वो काम करेंगी और शिक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में काम करेंगी।