Exclusive: बिहार चुनाव में कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे चिराग पासवान? देखें News 24 से क्या बोले केंद्रीय मंत्री
Chirag Paswan: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार में NDA में सीट बंटवारे को लेकर खुलकर बात की है. उन्होंने फाइनल वोटर लिस्ट, बिहार SIR और विपक्ष के रवैये पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की. साथ ही यह भी बताया कि उनकी पार्टी LJP इस बार चुनावी रण में कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी?
चिराग पासवान केंद्र सरकार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हैं.
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Chirag Paswan Exclusive Interview: केंद्रीय मंत्री और बिहार की लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान ने News 24 से बात करते हुए कई मुद्दों पर बेबाकी से अपने विचार रखे. उनसे News 24 के डिप्टी एडिटर संजीव त्रिवेदी ने कई सवाल किए, जिनका चिराग पासवान ने खुलकर जवाब दिया. उन्होंने बिहार की फाइनल वोटर लिस्ट, विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों, बिहार SIR में चुनाव आयोग की भूमिका, प्रशांत किशोर के आरोपों और NDA में सीट बंटवारे पर पूछे गए सवालों के जवाब में प्रतिक्रिया व्यक्त की है. आइए जानते हैं कि चिराग पासवान ने क्या-क्या कहा?
बिहार विधानसभा चुनाव 2025, NDA में सीट शेयरिंग और गठबंधन की राजनीति पर चिराग पासवना ने कहा कि बिहार में NDA गठबंधन में अभी सीटों का फाइनल बंटवारा नहीं हुआ है. क्योंकि सीट शेयरिंग पर फैसला सिर्फ 2 दलों के बीच नहीं, बल्कि NDA के सभी 5 सहयोगी दलों के बीच और सभी की सहमति से होगा. उन्होंने NDA के साथ अपने पुराने रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में BJP के साथ गठबंधन हुआ था.
साल 2015 के विधानसभा चुनाव में भी BJP के गठबंधन में हुआ था, लेकिन साल 2020 में मतभेद हुए तो उनकी लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) ने अकेले चुनाव लड़ा. साल 2024 के लोकसभा चुनाव में LJP को एक सांसद होने के बावजूद सिर्फ 5 सीटें दी गईं और पार्टी ने पांचों सीटों पर जीत दर्ज की. चिराग पासवान ने कहा कि इससे पता चलता है कि NDA का गठबंधन मजबूत है और भरोसे पर आधारित है.
बिहार की फाइनल वोटर लिस्ट पर बयान
चिराग पासवान ने बिहार में SIR, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट और फाइनल वोटर लिस्ट पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि बिहार में कुल 7.42 करोड़ मतदाता थे, जिनमें से अब 47 लाख नाम हटाए गए हैं. विपक्ष आरोप लगा रहा है कि ‘वोट चोरी’ हुई है, लेकिन अभी तक विपक्ष के इस आरोप को लेकर कोई ठोस सबूत या शिकायत भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के सामने नहीं आई है.
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वोटर लिस्ट बनाने का काम चुनाव आयोग करता है और यह एक स्वतंत्र संस्था है. 47 लाख नाम हटाए जाने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं, जैसे कुछ लोग 2 राज्यों की वोटर लिस्ट में थे. कुछ लोगों का निधन हो चुका है. कुछ लोग दूसरे राज्य या देश में चले गए हैं. अवैध घुसपैठियों के नाम भी हटाए गए होंगे. पहली बार वोट डालने वाले युवाओं के नाम भी जुड़े होंगे.
चिराग पासवान ने बिहार SIR और वोटर लिस्ट को लेकर विपक्ष के रवैये पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की पूरी प्रक्रिया सही तरीके से की गई है, विपक्ष केवल राजनीति कर रहा है. विपक्ष पहले ही कहता था कि वोटर लिस्ट में धांधली होती है. अब जब चुनाव आयोग ने अपडेशन की प्रक्रिया अपनाई तो वही विपक्ष सवाल उठा रहा है.
अगर विपक्ष को शिकायत है तो चुनाव आयोग में सबूत के साथ जाइए, केवल राजनीतिक बयान देना सही नहीं है. EVM का मुद्दा ठंडा पड़ गया तो विपक्ष ने वोटर लिस्ट को नया मुद्दा बना लिया. साल 2020 में NDA एकजुट नहीं था, तभी विपक्ष को फायदा हुआ. अगर NDA एकजुट रहता तो RJD जैसी पार्टियां बड़ी ताकत बनकर नहीं आतीं.
चिराग पासवान से सवाल पूछा गया कि क्या ‘बिना नमक’ वाली स्थिति, यानी गठबंधन में सीटें न मिलने की संभावना है? इस पर चिराग ने कहा कि दाल बिना नमक की बनेगी तो स्वाद नहीं आएगा. गठबंधन में भी संतुलन होना चाहिए. अगर नमक ज्यादा हो जाता है तो जहर बन जाता है. मतलब सीट बंटवारे में संतुलन और सही मात्रा जरूरी है.
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प्रशांत किशोर को आरोपों पर क्या कहा?
चिराग से पूछा गया कि प्रशांत किशोर ने NDA के कई नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इसके जवाब में उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर ने चुनावी टाइमिंग देखकर आरोप लगाए हैं. यह विपक्ष की रणनीति है कि मुद्दा बदल दिया जाए और नैरेटिव बदल जाए. जिन नेताओं पर आरोप लगे हैं, वे अपने बचाव में सक्षम हैं और कई नेताओं ने मानहानि का केस भी किया है.
लोक जनशक्ति पार्टी के एक सांसद का नाम भी आरोपों में आया, जिस पर चिराग बोले कि पार्टी ने आंतरिक चर्चा की है. सांसद सक्षम हैं, अपना पक्ष रखने के लिए, लेकिन अंत में फैसला जनता करेगी कि किस पर भरोसा करना है?