मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण का काम निर्धारित समय पर चल रहा है, जबकि विपक्ष की चिंता है कि वोटर लिस्ट से बाहर रखे गए मतदाता सूची में नाम शामिल नहीं हैं।
बिहार में विशेष सघन रिव्यू प्रोग्राम के तहत वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने का प्रोसेस पूरी सख्ती के साथ किया जा रहा है। यह पूरी जानकारी CEC ज्ञानेश कुमार ने देते हुए बताया कि SIR का काम बिना बाधा चल रहा है। किसी को भी इधर-उधर की बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि इस पूरे प्रोसेस में लगभग 1 लाख प्रशिक्षित बीएलओ (Booth Level Officer) और 1 लाख स्वयं सेवकों को लगाया गया है। इनके अलावा बिहार के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर भी पूरे अभियान की अच्छे से निगरानी कर रहे हैं।
एक महीने चलेगा रिव्यू प्रोग्राम
बता दें, इलेक्शन कमिशन ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देश पर बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में वोटर लिस्ट में रिव्यू का काम हो रहा है। जिसके तहत 25 जून से लेकर 26 जुलाई तक अधिकारी घर-घर सर्वे करेंगे। उसके बाद 1 अगस्त को वोटर लिस्ट का फॉर्मेट पब्लिश्ड किया जाएगा। वहीं इसके लिए टाइम लिमिट 1 अगस्त से एक सितंबर तक फाइनल की गई है।
कब है आखिरी वोटर लिस्ट की डेट?
जबकि चुनाव आयोग आखिरी वोटर लिस्ट 30 सितंबर को पब्लिश्ड करेगा। उसके बाद आखिरी वोटर लिस्ट की नेशनल और स्टेट लेवल राजनीतिक दलों को भी भेजी जाएगी। इसके साथ ही ये लिस्ट ईसीआई/सीईओ की वेबसाइट पर भी मिलेगी।