बिहार में प्रधान सचिव, कृषि विभाग पंकज कुमार की अध्यक्षता में राज्य के सभी जिला कृषि पदाधिकारियों के साथ खरीफ 2025 मौसम में फर्टिलाइजर की उपलब्धता, कालाबाजारी और छापामारी की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि भारत सरकार द्वारा खरीफ 2025 के लिए बिहार राज्य की फर्टिलाइजर की जरूरत 10.32 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 2.20 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 2.50 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 0.50 लाख मीट्रिक टन एमओपी तथा 0.75 लाख मीट्रिक टन एसएसपी निर्धारित की गई है।
वर्तमान समय में राज्य के किसी भी जिले में फर्टिलाइजर की कोई कमी नहीं है और आज दिनांक 19 अगस्त 2025 तक राज्य में 1.76 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.00 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 1.91 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 0.54 लाख मीट्रिक टन एमओपी और 0.92 लाख मीट्रिक टन एसएसपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई
प्रधान सचिव ने कहा कि सरकार फर्टिलाइजर की कालाबाजारी और अधिक मूल्य पर बिक्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। खरीफ 2025 के दौरान अब तक 34 उर्वरक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है तथा 214 फर्टिलाइजर प्रतिष्ठानों का प्राधिकार पत्र रद्द कर दिया गया है। किसानों को सही समय पर उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना सरकार की पहली प्राथमिकता है और इस दिशा में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है।
जिला कृषि पदाधिकारियों को दिए निर्देश
प्रधान सचिव कृषि विभाग ने सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिला और ब्लॉक लेवल फर्टिलाइजर निगरानी समिति की बैठक नियमित रूप से आयोजित की जाए। ब्लॉक वाइज फर्टिलाइजर का उप-आवंटन स्थानीय आच्छादन और वास्तविक जरूरत को ध्यान में रखकर किया जाए। इसके साथ ही फर्टिलाइजर इंस्टॉलेशन में पीओएस मशीन पर प्रदर्शित स्टॉक और वास्तविक उपलब्धता का फिजिकल वेरिफिकेशन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
नियमित छापामारी और निरीक्षण के निर्देश
इसके अतिरिक्त जिला स्तर पर विशेष जांच दल गठित करने और नियमित छापामारी और निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में विशेष निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। इस क्रम में सशस्त्र सीमा बल (SSB) के साथ समन्वय स्थापित कर फर्टिलाइजर की अवैध तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने पर बल दिया गया है।
प्रधान सचिव ने समीक्षा के दौरान कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। विभागीय निगरानी, नियमित छापामारी और कठोर कार्रवाई के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि खरीफ 2025 के दौरान राज्य के किसी भी किसान को फर्टिलाइजर की कमी का सामना न करना पड़े और उन्हें समय पर, पारदर्शी तरीके फर्टिलाइजर उपलब्ध हों।