बिहार में पोस्टर पॉलिटिक्स! क्या नीतीश कुमार के बेटे निशांत का होगा राजनीतिक डेब्यू?

Bihar Politics: बिहार की सियासत में इन दिनों हलचल मची हुई है। सभी पार्टियां जनता को साधने की कोशिश में लगी हैं। इसी बीच पटना की सियासत एक बार फिर नए पोस्टरों से गरमा गई है। जहां पर नीतीश कुमार के बेटे की पॉलिटिक्स में एंट्री की चर्चाएं होने लगी हैं। पढ़िए अमिताभ कुमार ओझा की रिपोर्ट…

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Photo Credit- News24GFX

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Bihar Politics: पटना की सियासत एक बार फिर नए पोस्टरों से गरमा गई है। इस बार पोस्टर के केंद्र में हैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार। जेडीयू ऑफिस में लगे इन पोस्टरों में निशांत को भविष्य का नेता बताया गया है। पोस्टर में साफ लिखा गया है कि ‘ईमानदारी और जनसेवा की नई पीढ़ी, जनसेवा अब आगे बढ़ेगी। विकास पुरुष का बेटा, बिहार का भविष्य निशांत कुमार। जननायक कर्पूरी ठाकुर की विचारधारा और नीतीश कुमार की कार्यशैली के वारिस निशांत कुमार हैं।’

बिहार में पोस्टर पॉलिटिक्स

इन नारों के पीछे संदेश बिल्कुल साफ है। पार्टी कार्यकर्ता अब नीतीश के उत्तराधिकारी के रूप में उनके बेटे को स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि निशांत कुमार अब तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे हैं। उन्हें एक सादगीप्रिय और लो-प्रोफाइल व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कभी सार्वजनिक मंच से राजनीति में उतरने की इच्छा जाहिर नहीं की, लेकिन समय-समय पर इस तरह के पोस्टर राजनीति के गलियारों में अटकलों को हवा देते रहे हैं।

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JDU की नई पीढ़ी आएगी की पॉलिटिक्स में?

बिहार की राजनीति में ‘पोस्टर पॉलिटिक्स’ कोई नई बात नहीं है। अक्सर ऐसे पोस्टर नेताओं की लोकप्रियता नापने का पैमाना भी माने जाते हैं। सवाल यह है कि क्या यह महज कार्यकर्ताओं की उत्सुकता है या फिर जेडीयू में नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने की रणनीति की झलक? फिलहाल, निशांत कुमार चुप हैं। लेकिन पोस्टर ने साफ कर दिया है कि जेडीयू के एक वर्ग की नजर उन्हें ‘भविष्य का चेहरा’ बनाने पर टिकी है। आने वाले दिनों में यही देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह पोस्टरबाजी केवल प्रतीकात्मक है या वास्तव में नीतीश कुमार के बेटे की राजनीति में एंट्री की भूमिका तैयार कर रही है?

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