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सांप ने काटा और बिहार पुलिस ने मांगी रिश्वत, 700 रुपये लेकर छोड़ा, इलाज में देरी के चलते मौत

Kaimur Bihar News: बिहार में कैमूर पुलिस का बेरहम चेहरा सामने आया है। दरअसल पुलिस ने सर्पदंश के शिकार एक व्यक्ति को पकड़ लिया और रिश्वत की पेशकश कर दी। युवक गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन पुलिस ने पैसे मिलने के बाद ही उसे छोड़ा। इलाज में देरी के चलते पीड़ित की मौत हो गई।

Kaimur Bihar News: बिहार में कैमूर पुलिस का भ्रष्टाचार और बेरहम चेहरा उजागर हो गया है। चैनपुर थाना क्षेत्र में बीती रात को धान के खेत में काम करने के दौरान एक युवक को सांप ने काट लिया। युवक बेचैनी की हालत में खेत से भागते हुए गांव जा रहा था, इसी बीच पेट्रोलिंग करने वाली पुलिस युवक को पकड़कर पूछताछ करने लगी। युवक ने बताया कि उसे सांप ने डस लिया है। इसलिए भागते हुए घर जा रहा है।

पुलिस वालों को इतने पर भी तरस नहीं आया और उन्होंने 2000 रुपये की रिश्वत मांगी। पुलिस वालों ने कहा कि पैसे दो, उसके बाद ही जाने देंगे। पुलिस वाले युवक के पीछे पड़ गए और रिश्वत लेने के लिए उसके घर तक पहुंच गए। युवक के घर में भी पैसा नहीं था, फिर पीड़ित ने अपने भाई को फोन किया और पैसे मांगे। युवक के भाई भी खेत में काम कर रहे थे। वह दौड़ते हुए घर आए लेकिन उनके पास भी 2000 रुपये नहीं थे।

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दोनों भाइयों के पास पैसा नहीं होने पर पुलिस वाले नाराज हो गए और काफी डांट फटकार लगाई। किसी तरह पुलिस वालों को 700 रुपये दिए गए। तब जाकर उन्होंने युवक को छोड़ा। इसके बाद पीड़ित युवक को झाड़ फूंक करवाने के लिए ले जाया गया। बाद में अस्पताल पहुंचे तब तक बहुत देर हो गई थी। सही समय पर इलाज न मिलने की वजह से युवक की मौत हो गई। मामला चैनपुर थाना क्षेत्र के निविया ताड़ गांव का है। मृतक लखन प्रसाद एक किसान है।

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भाई ने बताई पूरी कहानी

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मृतक के बड़े भाई जोगिंदर बिंद ने बताया कि मेरा भाई लखन रात को धान के खेत में काम कर रहा था। इस बीच तालाब के मेड़ पर सोने के दौरान सांप ने काट लिया। सर्पदंश की हालत में भाई गांव आ रहा था और उसके कान से खून गिर रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया और 2000 रुपये की डिमांड कर दी। जोगिंदर ने कहा कि हम किसी तरह जंगल के खेत से भागते हुए घर पहुंचे, लेकिन मेरे पास भी पैसे नहीं थे। किसी तरह व्यवस्था करके 700 रुपया पुलिस को दिया, तब जाकर मेरे भाई को पुलिस ने छोड़ा।

जोगिंदर ने कहा कि झाड़ फूंक करवाने के बाद अस्पताल पहुंचे, लेकिन मेरे भाई को बचाया नहीं जा सका। जोगिंदर ने कहा कि अगर पुलिस 2 घंटे देर नहीं करती तो आज मेरा भाई जिंदा रहता। पुलिस के चलते मेरे भाई की मौत हो गई। अब उसके छोटे-छोटे बच्चों और परिवार का कौन सहारा होगा। हम कार्रवाई की मांग करते हैं।

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भभुआ डीएसपी शिव शंकर कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। मृतक के परिजनों ने भगवानपुर पुलिस पदाधिकारी पर पैसे लेने का आरोप लगाया है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

First published on: Sep 27, 2024 11:44 AM

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