बिहार के वैशाली के राघोपुर दियारा में कच्ची दरगाह-बिदुपुर प्रोजेक्ट का आज उद्घाटन होने वाला है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन परियोजना के पहले चरण का लोकार्पण करेंगे। इस स्टेज में NH-31 से राघोपुर तक का भाग शामिल है, जो अब पूरी तरह बनकर तैयार है। इस प्रोजेक्ट से राघोपुर दियारा इलाके को रोड कनेक्टिविटी मिलेगी। इस 19 KM लंबे प्रोजेक्ट का सबसे जरूरी भाग है और जो गंगा नदी पर बना है। इसकी चौड़ाई 32 मीटर है और इसे 100 किमी/घंटा की गति से गाड़ी चलाने के हिसाब से डिजाइन किया गया है। इस पुल में अत्याधुनिक ‘एक्स्ट्रा डोज केबल ब्रिज’ टेक्निक का इस्तेमाल हुआ है, जिसमें केबल को डेक के नीचे से जोड़कर ज्यादा मजबूती और बैलेंस दिया गया है। आपको बता दें, यह तकनीक भारत में गिने-चुने पुलों में ही अपनाई गई है।

यातायात को मिलेगी सुविधा

हर साल मानसून में जब पीपा पुल हटा लिया जाता था, तब राघोपुर का संपर्क टूट जाता था। अब यह पुल बिना बाधा के सुविधा के साथ-साथ क्षेत्र को नए अवसर देगा। इस प्रोजेक्ट पर 5,000 करोड़ से अधिक की लागत आई है, जिसमें से 3,000 करोड़ का लोन एशियन डेवलपमेंट बैंक से लिया हुआ है। बाकी राशि राज्य सरकार द्वारा ली जा रही है।

बिजनेस और निवेश में सुधार

इस पुल के शुरू होने से महात्मा गांधी सेतु पर ट्रैफिक प्रेशर कम हो जाएगा। पटना-बिदुपुर-राघोपुर के बीच अच्छा रोड नेटवर्क तैयार होगा। 2027 तक सरकार का लक्ष्य है इसे पूरा करना है। राज्य के किसी भी हिस्से से पटना सिर्फ साढ़े तीन घंटे में पहुंचा जा सके। यह पुल न केवल राघोपुर को मुख्यधारा से जोड़ेगा, बल्कि निवेश और ट्रांसपोर्टेशन को भी बढ़ाएगा। इसके अलावा बिजनेस, टूरिज्म, एजुकेशन, हेल्थ और छोटी-छोटी इंडस्ट्रीज को नए अवसर मिलेंगे। वहीं, झारखंड से नेपाल बॉर्डर तक और बिहार के अन्य जिलों जैसे नवादा, मुंगेर और नालंदा के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

क्या है प्रोजेक्ट की अन्य विशेषताएं?

पुल पर सोलर सिस्टम से लाइट, डॉल्फिन देखने के लिए बालकनी और सबलपुर के पास हाईवे म्यूजियम का प्लान है। यह NH-31 को NH-322 से जोड़ता है, जिससे नोर्थ और साउथ बिहार के बीच ट्रेवल कम होगी। यह परियोजना बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और सोशल इकोनॉमिक डेवलपमेंट को बढ़ावा देगा। ये भी पढ़ें- तेजस्वी यादव अपनी पढ़ाई पर क्या बोले? सवाल का दिया ये जवाब