शेखपुरा में जातिगत हिंसा की हालिया घटना पर देश की सियासत गरमा गई है। इस बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने “पहलगाम जैसी घटना” करार दिया है, जैसे पहलगाम में धर्म पूछकर लोगों को मारा गया था। उसी तरह शेखपुरा में जाति पूछकर एक निर्दोष युवक को बर्बरता से पीटा गया।
पुलिसिया बर्बरता नहीं, बल्कि अमानवीय कृत्य
अश्विनी चौबे ने कहा कि यह महज पुलिसिया बर्बरता नहीं, बल्कि जातीय उन्माद से प्रेरित अमानवीय कृत्य है। केवल निलंबन से बात नहीं बनेगी। दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ FIR दर्ज कर उसे जेल भेजा जाना चाहिए। यह लोग एनडीए सरकार को बदनाम करने की साज़िश कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि हमें आपातकाल की याद आ रही है। उस दौर में भी ऐसी ही पुलिसिया दमनकारी घटनाएं होती थीं। यह बेहद पीड़ादायक है कि आज एनडीए सरकार में रहकर कुछ लोग उसकी छवि धूमिल करने वाले कार्य कर रहे हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी
बिहार विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर एक बैठक बुलाई गई, जिसमें शामिल होने अश्विनी चौबे आए थे। इस बैठक में करीब 900 नेता, एमएलए, मंत्री, प्रदेश पदाधिकारी और अलग-अलग मोर्चों के अध्यक्ष मौजूद थे। अश्विनी चौबे को किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पटना जाना था। इसलिए वह बैठक से पहले ही निकल गए। इससे पहले अश्विनी चौबे ने नीतीश कुमार को उप-पीएम बनाने की इच्छा जाहिर की थी।